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ईरान में विरोध प्रदर्शनों में बढ़ती हिंसा, 217 की मौत की पुष्टि

ईरान में इस्लामी शासन के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है, जिसमें 217 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी के कारण कई प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने 'आजादी' और 'तानाशाह मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, मृतकों की संख्या में भिन्नता है। ईरानी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है। जानें इस स्थिति का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या असर हो रहा है।
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ईरान में विरोध प्रदर्शनों में बढ़ती हिंसा, 217 की मौत की पुष्टि

विरोध प्रदर्शनों का हिंसक रूप लेना

तेहरान में इस्लामी शासन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों ने अब गंभीर हिंसा का रूप ले लिया है। ईरानी सरकार के निर्देश पर सुरक्षा बलों द्वारा कई स्थानों पर गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। एक चिकित्सक ने, जो अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहता था, टाइम मैगजीन को बताया कि केवल छह अस्पतालों में 217 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें से अधिकांश की जान गोलीबारी में गई। हालांकि, टाइम मैगजीन ने इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।


सरकार का दमन और प्रदर्शनकारियों की मांग

यदि यह आंकड़ा सही है, तो यह ईरान में सरकार विरोधी आंदोलनों पर किए गए भीषण दमन को दर्शाता है। प्रदर्शन शुरू होने के बाद से सरकार ने देशभर में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं को लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया है। ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को आर्थिक समस्याओं के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अब यह पूरे देश में फैल चुके हैं और इस्लामी शासन को हटाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी 'आजादी' और 'तानाशाह मुर्दाबाद' जैसे नारे लगा रहे हैं।


सुरक्षा बलों की कार्रवाई और मृतकों की संख्या

एक डॉक्टर ने बताया कि जैसे-जैसे आंदोलन बढ़ा, कई क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलीबारी की। शुक्रवार को अस्पतालों से शवों को हटाया गया, जिनमें से अधिकांश युवा थे। उत्तरी तेहरान के एक पुलिस थाने के बाहर मशीनगन से की गई फायरिंग में कई लोग मारे गए, जबकि कम से कम 30 लोग घायल हुए। अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ स्थानों पर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी हुईं।


मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट

मानवाधिकार संगठनों ने मृतकों की संख्या को डॉक्टर के दावे से कम बताया है। वॉशिंगटन स्थित एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, अब तक कम से कम 63 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 49 आम नागरिक शामिल हैं। ईरान में मीडिया पर सरकारी नियंत्रण और विदेशी पत्रकारों पर कड़े प्रतिबंधों के कारण मौतों के आंकड़ों में भिन्नता देखने को मिल रही है।


ईरानी नेतृत्व का सख्त रुख

इस बीच, ईरानी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है। सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी भी प्रकार के उपद्रव के आगे नहीं झुकेगा। तेहरान के सरकारी अभियोजक ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों को मृत्युदंड तक दिया जा सकता है।


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस पर प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। ईरान में गहराता आर्थिक संकट, डॉलर के मुकाबले रियाल का रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचना, जल संकट और बिजली कटौती ने जनता के असंतोष को और बढ़ा दिया है।