ईरान युद्ध का सोने और चांदी की कीमतों पर प्रभाव
ईरान युद्ध का सोने और चांदी की कीमतों पर प्रभाव
ईरान युद्ध का सोने और चांदी की कीमतों पर प्रभाव: अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, गुरुवार को 24-कैरेट सोने की कीमत (10 ग्राम) ₹5,346 घटकर लगभग ₹1.46 लाख हो गई।
(एक दिन पहले यह ₹1.51 लाख थी)। चांदी (1 किलो) की कीमत ₹15,176 घटकर लगभग ₹2.25 लाख पर पहुंच गई, जो 25 मार्च को ₹2.40 लाख थी। पिछले 34 दिनों में, सोने की कीमत में लगभग ₹13,590 की कमी आई है, जबकि चांदी की कीमत में ₹42,040 की गिरावट आई है।
भारत में सोने की कीमतों में भिन्नता के कारण
भारत के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतें समान नहीं होतीं, इसके कई कारण हैं: परिवहन और सुरक्षा लागत, मांग में भिन्नता, स्थानीय ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा तय की गई कीमतें, और पुराने स्टॉक की लागत। वर्तमान में सोना अपने उच्चतम स्तर से ₹31,000 नीचे है।
इस साल की शुरुआत में सोने की कीमतों में तेजी आई थी, लेकिन अब इसमें गिरावट आई है:
- 31 दिसंबर, 2025: ₹1.33 लाख
- अब तक का सबसे ऊंचा स्तर (29 जनवरी, 2026): ₹1.76 लाख
- वर्तमान स्तर: अपने उच्चतम स्तर से लगभग ₹31,000 नीचे
चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है:
- 31 दिसंबर, 2025: ₹2.30 लाख
- अब तक का सबसे ऊंचा स्तर (29 जनवरी, 2026): ₹3.86 लाख
- वर्तमान स्तर: ₹2.25 लाख
यह केवल 63 दिनों में लगभग ₹1.61 लाख की गिरावट है।
युद्ध के बावजूद कीमतों में गिरावट के कारण
आमतौर पर, भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोने और चांदी की कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार यह प्रवृत्ति उलट गई है, इसके पीछे कुछ कारण हैं: नकद की ओर रुझान, मुनाफा-वसूली, और ब्याज दरों का दबाव। बाजार विशेषज्ञ अजय केडिया का मानना है कि आने वाले समय में कीमतें और भी गिर सकती हैं।
सोना खरीदने से पहले ध्यान देने योग्य बातें
सिर्फ हॉलमार्क वाला सोना खरीदें और इसकी कीमतों की पुष्टि करें। 24K, 22K और 18K सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं।
असली चांदी की पहचान कैसे करें
चुंबक टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
बर्फ़ टेस्ट: असली चांदी पर बर्फ़ तेज़ी से पिघलती है।
गंध टेस्ट: शुद्ध चांदी में कोई गंध नहीं होती।
कपड़ा टेस्ट: सफेद कपड़े पर रगड़ने से काले निशान पड़ते हैं।
