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ईरान संकट के चलते भारत में रसोई गैस की कमी, नए नियम लागू

ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण भारत में रसोई गैस की भारी कमी हो रही है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिससे सिलेंडर की कालाबाजारी भी बढ़ गई है। जानें इस संकट के कारण और इसके प्रभावों के बारे में।
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ईरान संकट के चलते भारत में रसोई गैस की कमी, नए नियम लागू

रसोई गैस की किल्लत और नए नियम

नई दिल्ली। ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण देशभर में रसोई गैस की कमी महसूस की जा रही है, जिसके चलते सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की बुकिंग 45 दिन पहले नहीं की जा सकेगी। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण इलाकों में दो सिलेंडरों के बीच 45 दिन का अंतर होना आवश्यक है। इससे पहले, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया था।


यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों के कारण ईरान में होरमुज की खाड़ी बंद हो गई है, जिससे भारत में रसोई गैस की भारी कमी हो रही है। लगभग सभी शहरों और कस्बों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सिलेंडर की कालाबाजारी भी बढ़ गई है, जैसे कि बिहार के कुछ शहरों में एक हजार रुपये वाले घरेलू सिलेंडर के लिए दो हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात में 19 सौ रुपये का कॉमर्शियल सिलेंडर चार हजार रुपये में बिकने की खबरें आई हैं।


कई स्थानों पर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक के कारण होटलों और रेस्तरां ने इंडक्शन चूल्हे का उपयोग शुरू कर दिया है। इससे बाजार में इंडक्शन चूल्हे की मांग में भी वृद्धि हुई है। ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर इंडक्शन की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। इसके बावजूद, कैंटीन, होटल, रेस्तरां और ढाबे बंद हो रहे हैं।