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ईरान संघर्ष: ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी जनता की बढ़ती चिंता का सामना

अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संघर्ष में एक महीना बीत चुका है, लेकिन सीजफायर पर सहमति नहीं बन पाई है। एक नए सर्वेक्षण में 59% अमेरिकी नागरिकों ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जरूरत से ज्यादा बढ़ गई है। ट्रंप प्रशासन को इस मुद्दे पर बढ़ती असंतोष का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें 74% लोग जमीनी सेना भेजने के खिलाफ हैं। जानें इस संघर्ष का ट्रंप की राजनीतिक स्थिति पर क्या असर पड़ सकता है।
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ईरान संघर्ष: ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी जनता की बढ़ती चिंता का सामना

संघर्ष की स्थिति और अमेरिकी जनता की राय

नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लगभग एक महीना हो चुका है, लेकिन अभी तक सीजफायर पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। ईरान ने झुकने से इनकार कर दिया है और खाड़ी क्षेत्र में हमले जारी हैं। इस बीच, एक नए सर्वेक्षण से पता चला है कि यह युद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौतियाँ पैदा कर सकता है। एपी-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च द्वारा किए गए सर्वे में लगभग 59 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जरूरत से ज्यादा बढ़ गई है।


इस संघर्ष के चौथे सप्ताह में किए गए सर्वे में यह भी देखा गया कि ट्रंप की समग्र अनुमोदन रेटिंग स्थिर बनी हुई है, लेकिन युद्ध का राजनीतिक प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ट्रंप प्रशासन ने मध्य पूर्व में अतिरिक्त युद्धपोत और सैनिक तैनात किए हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। अमेरिकी जनता में इस सैन्य अभियान के प्रति असंतोष बढ़ रहा है, जिसमें लगभग 74 प्रतिशत नागरिक जमीनी सेना भेजने के खिलाफ हैं। इसके अलावा, बढ़ती पेट्रोल कीमतों और लंबे खिंचते युद्ध को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।


सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 45 प्रतिशत अमेरिकी आने वाले महीनों में ईंधन खर्च को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, दो-तिहाई लोगों का मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की महत्वपूर्ण विदेश नीति प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही, उतने ही लोग घरेलू तेल और गैस की कीमतों को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर भी जोर दे रहे हैं। कुल मिलाकर, ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान अब ट्रंप प्रशासन के लिए विदेश नीति के साथ-साथ घरेलू स्तर पर भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।