ईरानी नाविकों की अमेरिका से सुरक्षित वापसी, कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम
ईरानी नाविकों की घर वापसी
गुरुवार को अमेरिका के कब्जे में रहे 20 ईरानी नाविक तेहरान लौट आए। ये सभी इस्लामाबाद के माध्यम से अपने देश पहुंचे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, यह वापसी कई देशों के बीच कूटनीतिक संवाद के बाद संभव हुई।
कूटनीतिक वार्ता का महत्व
रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तान और सिंगापुर के समकक्षों के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत की। उनकी कोशिशों के परिणामस्वरूप नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकी।
रिहाई की प्रक्रिया
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह रिहाई ईरान, पाकिस्तान और सिंगापुर के विदेश मंत्रियों के बीच गहन परामर्श के बाद संभव हुई। यह मामला उस जहाज से संबंधित है जिसे अमेरिका ने पहले अपने नियंत्रण में लिया था।
अमेरिकी कार्रवाई का प्रभाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई के बाद क्रू मेंबर सिंगापुर के समुद्री क्षेत्र में फंसे हुए थे। जहाज पर 11 पाकिस्तानी और 20 ईरानी नागरिक मौजूद थे।
सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया
कूटनीतिक वार्ता के बाद ईरान, पाकिस्तान और सिंगापुर के विदेश मंत्रालयों के बीच समन्वय हुआ, जिसके माध्यम से सभी नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
यात्रा का विवरण
इन नाविकों को पहले सिंगापुर से बैंकॉक (थाईलैंड) ले जाया गया, फिर वहां से इस्लामाबाद (पाकिस्तान) पहुंचाया गया। इसके बाद ईरानी नाविकों को तेहरान भेजा गया।
अमेरिकी बलों की कार्रवाई
19 अप्रैल को अमेरिकी बलों ने एक छोटे कंटेनर जहाज को रोककर जब्त कर लिया था। यह जहाज ईरान के आईआरआईएसएल समूह का हिस्सा था, जिस पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लागू थे। यह कार्रवाई ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास की गई थी।
चेतावनी का पालन न करना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि जहाज के चालक दल ने लगभग 6 घंटे तक दी गई कई चेतावनियों का पालन नहीं किया, जिसके बाद अमेरिकी बलों ने जहाज पर कार्रवाई की।
नाकाबंदी के नियमों का उल्लंघन
सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी बलों ने कई बार चेतावनी दी और ईरानी ध्वज वाले इस जहाज को बताया गया था कि यह अमेरिकी नाकाबंदी के नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
