ईरानी नौसेना ने अमेरिकी जहाज को होर्मुज से रोका, बातचीत का परिणाम निराशाजनक
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस की यात्रा
ईरानी सेना ने एक अमेरिकी युद्धपोत को हार्मुज स्ट्रेट से वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह जहाज फुजैराह बंदरगाह से होर्मुज की दिशा में बढ़ रहा था। ईरान की सेना ने इसकी गतिविधियों पर नजर रखी और पाकिस्तान में मौजूद प्रतिनिधियों को सूचित किया। इसके बाद, ईरानी टीम ने पाकिस्तानी मध्यस्थ के माध्यम से अमेरिका को संदेश भेजा।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने स्पष्ट किया कि यदि यह जहाज होर्मुज के निकट आया, तो उस पर हमला किया जाएगा। ईरान ने कहा कि यदि जहाज आगे बढ़ा, तो उसे 30 मिनट के भीतर निशाना बनाया जाएगा, और इसका असर अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी पड़ेगा। अमेरिकी वॉरशिप को आगे बढ़ने से रोकने का निर्णय सेना की सख्त प्रतिक्रिया और वार्ता टीम की चेतावनी के बाद लिया गया।
बातचीत का परिणाम
इससे पहले, अमेरिकी मीडिया ने बताया था कि ईरानी नौसेना की धमकियों के बावजूद दो अमेरिकी वॉरशिप होर्मुज पार कर गए थे। यह पहली बार था जब युद्ध के बाद किसी अमेरिकी जहाज ने ऐसा किया।
पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता बेनतीजा रही, जो 21 घंटे से अधिक समय तक चली। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर मतभेद बने रहे।
अमेरिका की स्थिति
उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अमेरिका बिना किसी समझौते के लौट रहा है, जो ईरान के लिए बुरी खबर है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को यह वादा करना होगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। अमेरिका की शर्तें स्पष्ट थीं, लेकिन ईरान ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।
तेल का निर्यात
शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट से लगभग 60 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा गया, जिसमें 20 लाख बैरल इराक का और 40 लाख बैरल सऊदी अरब का तेल शामिल था। यह तेल तीन बड़े टैंकरों के माध्यम से भेजा गया।
ब्रिटेन का दृष्टिकोण
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि इस युद्ध में शामिल न होने का निर्णय सही था। उन्होंने ट्रम्प की सोशल मीडिया पोस्ट्स की आलोचना की, जो अक्सर भड़काऊ और विवादित होती हैं।
