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उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम ने मचाई तबाही, 44 लोगों की जान गई

सोमवार को उत्तर प्रदेश और बिहार में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 44 लोगों की जान चली गई। मौसम में अचानक आए बदलाव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। जानें इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्या-क्या हुआ और आगे क्या चेतावनियाँ जारी की गई हैं।
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उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम ने मचाई तबाही, 44 लोगों की जान गई

प्राकृतिक आपदाओं का कहर


नई दिल्ली: सोमवार को उत्तर प्रदेश और बिहार में आए तेज आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात ने व्यापक तबाही मचाई। इन घटनाओं के कारण दोनों राज्यों में 44 लोगों की जान चली गई, और कई लोग घायल हुए। मौसम में अचानक आए बदलाव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।


दिल्ली-NCR में भी मौसम का असर

नई दिल्ली और दिल्ली-NCR में मौसम विभाग ने आज आंधी-तूफान और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। खराब मौसम के चलते हवाई यातायात और बिजली आपूर्ति जैसी सेवाओं पर पहले से ही असर पड़ चुका है।


फसलों को भारी नुकसान, जनजीवन अस्त-व्यस्त

तेज आंधी और बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से आम, गेहूं और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने से सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे सड़कों पर आवागमन भी बाधित रहा।


50 से अधिक जिलों में अलर्ट

लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में मौसम में अचानक बदलाव आया। सुबह साढ़े आठ बजे आसमान में काले बादल छा गए और अंधेरा छा गया। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे वाहनों को दिन में ही लाइट जलानी पड़ी।


मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए प्रदेश के पूर्वी से पश्चिमी हिस्सों में तेज आंधी, मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। 60 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 40 से अधिक जिलों में वज्रपात की चेतावनी दी गई है।


बिहार में तबाही का मंजर

बिहार के औरंगाबाद, गया, रोहतास, भोजपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और बगहा जिलों में भारी नुकसान हुआ है। औरंगाबाद में वज्रपात से तीन लोगों की जान गई, जबकि पांच ग्रामीण घायल हुए। गया जिले के शेरघाटी, टिकारी और कोंच थाना क्षेत्रों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हुई। पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक पांच लोगों की जान गई है। आम और लीची की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।


बिजली व्यवस्था ठप, कई जगह अंधेरा

तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली के पोल और तार गिर गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है।


हवाई सेवाओं पर भी असर

खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य को लेकर दिल्ली से लखनऊ आ रहा विमान खराब मौसम के कारण बीच रास्ते में फंस गया और उसे भोपाल डायवर्ट करना पड़ा। मौसम सामान्य होने के बाद दोपहर 12:27 बजे विमान लखनऊ पहुंचा।


इसके अलावा दो अन्य विमान भी हवा में चक्कर लगाते रहे। दिल्ली में कम दृश्यता के कारण रविवार रात 11 बजे से तड़के तीन बजे के बीच 15 विमानों को लखनऊ डायवर्ट किया गया। बाद में मौसम सुधरने पर ये विमान वापस दिल्ली के लिए रवाना हुए।