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उत्तर प्रदेश में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का समापन

लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का समापन समारोह हुआ, जिसमें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाग लिया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का स्वागत किया गया। सम्मेलन में विधायी कार्यों की शुचिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने पर चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने ओम बिरला के अनुभव की सराहना की और हरिवंश के योगदान को भी उजागर किया। इस समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
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उत्तर प्रदेश में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का समापन

सम्मेलन का समापन समारोह

लखनऊ। आज लखनऊ के विधान भवन में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाग लिया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर किया गया। स्वागत समारोह के बाद, उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न संगठनात्मक मुद्दों और संसदीय परंपराओं पर गहन चर्चा की। सम्मेलन में विधायी कार्यों की शुचिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ओम बिरला जी का जमीनी राजनीति और संगठनात्मक अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है। उनके द्वारा दी गई सलाह कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जमीनी स्तर पर अनुशासन बनाए रखने में मदद करती है। एक अध्यक्ष के रूप में, वे विधायी प्रक्रियाओं और सरकारी जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे शासन अधिक प्रभावी बनता है। संसद के माध्यम से, वे जनता की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा का केंद्र बने रहते हैं।


उत्तर प्रदेश में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का समापन


इसके अलावा, श्री मौर्य ने उपसभापति हरिवंश का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हरिवंश जी एक कुशल संपादक और सामान्य व्यक्ति हैं, जिनका लोगों से जुड़ने और साझा लक्ष्य की ओर ले जाने का अनुभव बहुत लंबा है। राजनीति में आने से पहले, उन्होंने पत्रकारिता में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके संपादकीय कार्य ने समाज की समस्याओं को उजागर करने और जन जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी विधायी प्रक्रियाओं की गहरी समझ सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और कुशलता लाने में सहायक है। वे हमेशा अंतिम व्यक्ति के उत्थान की बात करते हैं, जिससे जनहित में लाभकारी नीतियां बनाना संभव होता है। अनुभव एक ऐसा दर्पण है, जिसमें हम न केवल वर्तमान देख सकते हैं, बल्कि भविष्य की दिशा भी सुधार सकते हैं।


इस अवसर पर ओम बिरला, हरिवंश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सतीश महाना, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष, कुंवर मानवेन्द्र सिंह, विधान परिषद सभापति और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।