उत्तर प्रदेश में AIMIM की बढ़ती सक्रियता से राजनीतिक हलचल
नई दिल्ली में AIMIM का प्रभाव
नई दिल्ली: महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में AIMIM के उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति में भी हलचल देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र और बिहार के बाद, AIMIM की गतिविधियों ने अखिलेश यादव के लिए राजनीतिक चुनौतियाँ बढ़ा दी हैं।
AIMIM का महाराष्ट्र में प्रदर्शन
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में से 12 में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कुल 126 सीटें जीती हैं। इस सफलता के बाद AIMIM को महाराष्ट्र में राज ठाकरे की एमएनएस और शरद पवार की एनसीपी से भी बड़ी पार्टी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, लोकसभा और विधानसभा स्तर पर पार्टी अभी भी एनसीपी से पीछे है।
ओवैसी की मुस्लिम मतदाताओं के लिए अपील
ओवैसी लगातार मुस्लिम मतदाताओं से यह आग्रह कर रहे हैं कि तथाकथित सेकुलर दल भाजपा को सत्ता से बाहर करने में असफल रहे हैं। प्रारंभिक वर्षों में ओवैसी को विशेष सफलता नहीं मिली, लेकिन पिछले छह वर्षों में तेलंगाना के बाहर AIMIM ने अपनी स्थिति मजबूत की है।
बिहार विधानसभा चुनाव में AIMIM की स्थिति
बिहार विधानसभा चुनाव में AIMIM ने पांच सीटों पर जीत हासिल कर अपनी उपस्थिति को दोहराया। ये वही सीटें हैं जहां 2020 में भी पार्टी को सफलता मिली थी। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में AIMIM ने आठ वार्डों में जीत दर्ज की है। मुंबई के मुस्लिम मतदाताओं में लगभग 30 प्रतिशत उत्तर भारतीय मुसलमान हैं।
इन वार्डों में AIMIM की जीत यह दर्शाती है कि उत्तर भारतीय मुस्लिम मतदाता अब पारंपरिक दलों से हटकर नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। इसी कारण उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की चिंताएँ बढ़ी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश में AIMIM का प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं और यहां लगभग 20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। लगभग 70 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम आबादी 30 प्रतिशत से अधिक है। इनमें से अधिकांश सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश और कुछ पूर्वांचल में स्थित हैं। यदि AIMIM इन सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ती है, तो समाजवादी पार्टी के वोट बैंक को नुकसान हो सकता है।
2017 में AIMIM की स्थिति
2017 में AIMIM ने यूपी विधानसभा चुनाव में 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी। उस समय पार्टी को केवल 0.24 प्रतिशत वोट मिले थे। 2021 के पंचायत चुनाव में AIMIM ने 23 जिला पंचायत सीटें जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
