उत्तर प्रदेश में टाटा समूह का विस्तार: 20 लाख वाहनों का उत्पादन लक्ष्य
टाटा समूह की भविष्यवाणी
लखनऊ। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास के लिए एक प्रमुख राज्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में टाटा समूह की उपस्थिति यहां दोगुनी होने की उम्मीद है। राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल, बेहतर बुनियादी ढांचा और मजबूत नेतृत्व के कारण उद्योगों के लिए कई अवसर उपलब्ध हैं। यह बयान उन्होंने टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस के फ्लैग ऑफ के अवसर पर दिया।
उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास
एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यूपी में तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा और नीतिगत समर्थन इसे औद्योगिक विकास का केंद्र बना रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य में विकास की गति स्पष्ट है। राज्य सरकार की नीतियों के कारण उद्योगों को विस्तार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाएं इसे देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने में सहायक हैं।
भविष्य की योजनाएं
उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित टाटा प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं है, बल्कि यह सप्लायर्स, पार्टनर्स और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर एक सशक्त इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है। 34 वर्षों में 10 लाख वाहनों का उत्पादन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। एन चंद्रशेखरन ने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों का उत्पादन संभव है।
टीसीएस का विस्तार
उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स का पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें पारंपरिक डीजल वाहनों के साथ-साथ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और भविष्य में हाइड्रोजन आधारित वाहन भी शामिल होंगे। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में लगभग 20,000 प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं, और यह संख्या अगले पांच वर्षों में 40,000 तक पहुंच सकती है।
सामाजिक योगदान
एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय है। जल संरक्षण, स्किल डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में समूह की पहल मथुरा और गोरखपुर में चल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया कि सरकार के सहयोग से यह विकास संभव हो पाया है।
