उत्तर प्रदेश में बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान कानपुर में बड़ा हादसा
बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन
लखनऊ/कानपुर: उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में रविवार को बीएड (B.Ed) प्रवेश परीक्षा का आयोजन कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया। परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए। अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश देने से पहले एडमिट कार्ड, फोटो और पहचान पत्र के साथ बायोमेट्रिक, फेस रिकग्निशन और रेटिना स्कैन का मिलान किया गया। सख्त नियमों के तहत छात्रों के जूते-मोजे और घड़ियां भी बाहर उतरवाई गईं।
कानपुर में हादसा
कानपुर में बड़ा हादसा, नाले में गिरे परीक्षार्थी
परीक्षा के दौरान कानपुर के प्रो. एचएन मिश्रा पीजी कॉलेज के बाहर एक गंभीर घटना हुई। पहली पाली की परीक्षा शुरू होने से पहले कॉलेज के पास का एक नाला अचानक धंस गया, जिससे परीक्षा देने आए लगभग 10 से 12 अभ्यर्थी उसमें गिर गए। इस घटना में कई छात्रों को चोटें आईं और उनके कपड़े खराब हो गए। सबसे बड़ी समस्या तब आई जब कुछ छात्रों के एडमिट कार्ड भी कीचड़ में भीग गए। स्थानीय लोगों और अन्य छात्रों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
सख्त चेकिंग और कठिन प्रश्न
चेकिंग की कई परतें, जीके के सवालों ने उलझाया
इस परीक्षा में कानपुर में 9,168 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। पहली पाली (सुबह 9 से 12 बजे) के दौरान सीएसजेएमयू के रजिस्ट्रार राकेश मिश्रा और डॉ. दिवाकर अवस्थी सहित कई अधिकारियों ने खुद क्लासरूम में जाकर सघन चेकिंग की। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों के अनुसार, इस बार जनरल नॉलेज (GK) के सवाल काफी कठिन और उलझाने वाले थे।
केंद्रों में मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ और कैलकुलेटर जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध था। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई।
