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उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि

उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि की घोषणा की है। यह निर्णय जनवरी 2026 से प्रभावी होगा, जिससे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में वृद्धि होगी। लगभग 16 लाख सरकारी कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनर्स को इसका लाभ मिलेगा। इस कदम को महंगाई के बढ़ते स्तर के बीच राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
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उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि

महंगाई भत्ते में वृद्धि का ऐलान

उत्तर प्रदेश: राज्य सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। योगी सरकार के इस निर्णय के बाद, कर्मचारियों और पेंशनर्स को 58 प्रतिशत की बजाय 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त होगा। यह बढ़ा हुआ डीए जनवरी 2026 से लागू होगा, जिससे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में सीधा इजाफा होगा।


इस निर्णय का लाभ लगभग 16 लाख सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ-साथ 12 लाख पेंशनर्स को मिलेगा। महंगाई के बढ़ते स्तर के बीच, यह निर्णय कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है। इससे उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू खर्चों को संभालने में मदद मिलेगी।


वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। इसके तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स को अब 60 प्रतिशत की दर से डीए का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में वृद्धि के बाद लिया है।


सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक की अवधि का एरियर कर्मचारियों और पेंशनर्स के खातों में जमा किया जाएगा। इसके अलावा, 1 मई 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जून में मिलने वाले वेतन और पेंशन के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे कर्मचारियों को एकमुश्त एरियर का लाभ मिलेगा।


प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच, सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों द्वारा महंगाई भत्ते में वृद्धि की मांग की जा रही थी। अब डीए बढ़ने से लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही, यह निर्णय राज्य कर्मचारियों के मनोबल को भी बढ़ाने वाला माना जा रहा है।