उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में दवा माफिया का खेल: ₹3.15 करोड़ का भुगतान विवाद
स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं का खुलासा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में टेंडर प्रक्रिया और भुगतान में हो रही अनियमितताओं का मामला अब सबके सामने आ गया है। दवा माफिया को 'राजनीतिक दबाव' के तहत भुगतान किया जा रहा है, भले ही काम की गुणवत्ता में कमी हो। कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर कानपुर नगर में चिकित्सा उपकरणों की खरीद में हुई धांधली ने इस मुद्दे को और उजागर किया है। महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य ने इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर ₹3,15,00,000/- (तीन करोड़ पंद्रह लाख रुपये) के भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद, दवा माफिया मनीष मल्होत्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भुगतान करने की तैयारी कर ली है।
भुगतान प्रक्रिया पर रोक
महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य द्वारा 30 मार्च 2026 को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कानपुर नगर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कांशीराम अस्पताल में लगभग ₹3,15,00,000/- की खरीद प्रक्रिया में गंभीर शिकायतें आई हैं। इस पत्र के आधार पर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने टेंडर प्रक्रिया और भुगतान पर रोक लगाते हुए शासन को इसकी सूचना दी।
राजनीतिक दबाव का सवाल

हालांकि, दवा माफिया मनीष मल्होत्रा को भुगतान करने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों ने कर ली है। यह बताया जा रहा है कि इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण देने वाले लोगों का दबाव है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार ऐसे दबावों के आगे झुकती है या निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करती है।
मनीष मल्होत्रा का प्रभाव
करीब 22 सालों से स्वास्थ्य विभाग में कर काम
दवा माफिया मनीष मल्होत्रा की जड़ें स्वास्थ्य विभाग में गहरी हैं। वह 2004 से इस विभाग में सक्रिय हैं और अधिकारियों तथा राजनीतिक संरक्षण के चलते उनका प्रभाव बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, उनके काम में कई अनियमितताएं पाई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका प्रभाव कम नहीं हुआ है।
कौन देता है संरक्षण?

इस स्थिति में सवाल उठता है कि दवा माफिया को स्वास्थ्य विभाग और राजनीतिक संरक्षण कौन प्रदान करता है। इतनी शिकायतों के बावजूद, उन्हें बचाने वाला कौन है? कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर कानपुर नगर में उपकरणों और सजावट में बड़ी अनियमितताएं पाई गई हैं, जिसके बाद महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने ₹3,15,00,000/- के भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
खुलासा जल्द
बता दें कि, पर्दाफाश की टीम जल्द ही इसका खुलासा करेगी कि इन दवा माफियाओं को कौन संरक्षण दे रहा है। पर्दाफाश टीम के पास इसके अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं, जिसका खुलासा जल्द ही किया जाएगा।
