उत्तर भारत में ठंड की लहर से जनजीवन प्रभावित
ठंड का प्रकोप उत्तर भारत में
उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शीतलहर और पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया है। दिल्ली-एनसीआर में गलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मंगलवार को दिल्ली में साल का पहला शीत दिवस भी दर्ज किया गया।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
पश्चिमी हिमालय की ऊंची चोटियों से आ रही बर्फीली हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। उत्तर-पश्चिम यूपी और उत्तरी पाकिस्तान के आसपास दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं, जिसके चलते धूप निकलने पर भी ठंड का अहसास हो रहा है। कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है। कई राज्यों में अत्यधिक ठंड के चलते स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
आने वाले सप्ताह में राहत की उम्मीद नहीं
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक शीतलहर और घने कोहरे से राहत की कोई संभावना नहीं है। मंगलवार को दिल्ली में सूर्य की किरणें तो दिखीं, लेकिन बर्फीली हवाओं के कारण ठंड बनी रही। शहर के कुछ हिस्सों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है और मौसम में कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में तापमान माइनस 10.8 डिग्री
हिमाचल प्रदेश के ताबो में इस सीजन का पहला माइनस 10.8 डिग्री सेल्सियस का तापमान दर्ज किया गया। अटल टनल, पांगी और रोहतांग जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। वहीं, चंबा में बूंदाबांदी भी हुई है। शिमला में मौसम साफ रहा, जबकि जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.8 डिग्री नीचे रहा।
कानपुर में ठंड का रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश के कानपुर में ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां दिनभर घनी धुंध छाई रहती है। जिला प्रशासन ने पहले स्कूलों को 4 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन अब इसे 12 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। संगम नगरी प्रयागराज भी ठंड से बेहाल है।
