उत्तर भारत में सर्दी का कहर: कोल्ड डे और घने कोहरे से प्रभावित जनजीवन
सर्दी की तीव्रता बढ़ी
नई दिल्ली: उत्तर भारत में सर्दी ने एक बार फिर से तीव्रता पकड़ ली है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में ठंड और गलन बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक शीतलहर, घने से अति घने कोहरे और पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है, जिसका प्रभाव आम जनजीवन पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
जनजीवन पर प्रभाव
मौसम में आए इस बदलाव ने न केवल लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, बल्कि सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी व्यापक असर डाला है। तेज ठंडी हवाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर में आंशिक राहत मिली है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
शीतलहर का कहर
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। दिन के समय भी ठंड का असर बना हुआ है, जिसे मौसम वैज्ञानिक 'कोल्ड डे' की स्थिति बता रहे हैं। आज कई क्षेत्रों में शीतलहर के साथ घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
कोहरे का असर
देश के लगभग 15 राज्यों में घने कोहरे का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। कम दृश्यता के कारण कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं, जबकि कुछ उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा है। उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे जंक्शनों और हवाई अड्डों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन तक यह स्थिति बनी रह सकती है।
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में तेज ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि अधिकतम तापमान लगभग 19 डिग्री रहने का अनुमान है। इस ठंडे दौर में हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार देखा गया है, हालांकि कई क्षेत्रों में AQI अब भी चिंता के स्तर पर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 4 और 5 जनवरी के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी
लद्दाख, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी है। कश्मीर में 'चिल्ला-ए-कलां' के चलते तापमान शून्य से नीचे चला गया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और रोहतांग जैसे क्षेत्रों में भारी हिमपात से सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, जिसका असर मैदानी क्षेत्रों के तापमान पर भी देखने को मिल रहा है।
अन्य क्षेत्रों का मौसम
पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में भी कोहरा और ठंड बढ़ने के संकेत हैं। वहीं, स्काईमेट के अनुसार, केरल और तमिलनाडु के कुछ जिलों में बादल छाए रहने के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। महाराष्ट्र में भी सुबह और शाम के समय कोहरे का असर देखा जा सकता है। कुल मिलाकर, अगले दो दिन देश के कई हिस्सों में मौसम चुनौतीपूर्ण बना रहेगा और सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।
