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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर, वन सेवा नियमावली में बदलाव

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी। इसमें कुंभ मेला के कार्यों के लिए वित्तीय अधिकार, परिवहन विभाग के लिए नई बसों की खरीद, और वन दरोगा की शैक्षिक योग्यता में बदलाव शामिल हैं। इसके अलावा, मदरसों को मान्यता देने और शिक्षा संबंधी अन्य निर्णयों पर भी चर्चा की गई। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर, वन सेवा नियमावली में बदलाव

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हुई, जिसमें 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी। इस बैठक में कुंभ मेला के स्थाई और अस्थाई कार्यों के लिए कुंभ मेला अधिकारी और गढ़वाल कमिश्नर को वित्तीय अधिकार दिए गए। इसके साथ ही, परिवहन विभाग को 250 नई बसों की खरीद के लिए मंजूरी भी दी गई। एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, वन दरोगा की शैक्षिक योग्यता को इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक कर दिया गया है।


कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव

कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर:



  • उत्तराखंड मोटरयान संशोधित नियमावली 2026 के तहत वरिष्ठ प्रवर्तन पर्यवेक्षक, प्रवर्तन पर्यवेक्षक और सिपाहियों के लिए वर्दी निर्धारण को मंजूरी मिली।

  • कुंभ मेले में एक करोड़ तक के कार्यों को मेला अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जा सकेगा।

  • 5 करोड़ तक के कार्यों को गढ़वाल आयुक्त द्वारा स्वीकृत किया जाएगा, जबकि उससे ऊपर के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत होंगे।

  • उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 के संशोधन को मंजूरी दी गई।

  • जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

  • उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन किया गया, जिसमें रॉयल्टी की दर को 7 रुपए प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपए प्रति कुंतल किया गया।

  • परिवहन विभाग में 250 बसों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

  • परिवहन निगम को 100 बसों की खरीद की मंजूरी दी गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 109 किया गया है।

  • उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन किया गया है।

  • वन दरोगा की आयु सीमा को 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी की आयु सीमा को 18 से 25 वर्ष किया गया।


मदरसों और शिक्षा संबंधी निर्णय

उत्तराखंड में 452 मदरसों में से लगभग 400 मदरसों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इन सभी मदरसों को जिला स्तरीय शिक्षा समिति से मान्यता प्राप्त होगी। 12वीं कक्षा तक की कक्षाएं संचालित करने वाले मदरसों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी होगी। इसके लिए अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम का अध्यादेश लाने की मंजूरी दी गई है।


अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

कार्मिक विभाग में एकल संवर्ग की प्रतीक्षा सूची के लिए एसओपी बनाई जाएगी। शिक्षा विभाग की उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली को भी मंजूरी दी गई है। लोक निर्माण विभाग में 2010 में भर्ती हुए 2010 पदों में से 6 पद दिव्यांग श्रेणी के लिए सृजित करने का निर्णय लिया गया है।


वित्त विभाग के तहत वर्ग चार्ज कर्मचारियों की पेंशन के संबंध में शासनादेश जारी किया गया था, जिसे कुछ लोग कोर्ट में चुनौती दे चुके थे। इसके बाद कोर्ट ने स्थगन के आदेश दिए थे।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ प्रदेश के 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को भी मिलेगा।