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उत्तराखंड में 483 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 483 युवाओं को सिंचाई और कृषि विभाग में नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की और युवाओं की मेहनत को सराहा। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति पत्र वितरण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून के प्रभावी परिणामों का भी उल्लेख किया और राज्य के विकास की नई ऊँचाइयों के बारे में जानकारी दी।
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उत्तराखंड में 483 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए

मुख्यमंत्री धामी का नियुक्ति पत्र वितरण समारोह

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई और कृषि विभाग के अंतर्गत चयनित 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें से 473 पद सिंचाई विभाग के और 10 पद कृषि विभाग के हैं।


सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मेजर जनरल (से.नि) भुवन चंद्र खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि खंडूड़ी जी ने एक ऐसे उत्तराखंड का सपना देखा था, जहाँ युवाओं की पहचान उनकी मेहनत और प्रतिभा से हो। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को दिए जा रहे नियुक्ति पत्र इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार कर रही है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र वितरण प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत और लगन का सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते हुए राज्य और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का त्याग और परिवार का संघर्ष छिपा है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब नौकरी में चयन मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हो रहा है। यह नई कार्यसंस्कृति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बन रही है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट आई है और रिवर्स पलायन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज पहाड़ का युवा पलायन नहीं, बल्कि संभावनाएँ देख रहा है।