उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर सेवा का शुभारंभ, अमित शाह ने दी विकास योजनाओं की सौगात
उत्तराखंड सरकार का चार साल का जश्न
उत्तराखंड: धामी सरकार ने अपने चार साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया। हरिद्वार में आयोजित इस समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने हरिद्वार को 427 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) सेवा का शुभारंभ भी किया।
अमित शाह ने ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का डिजिटल बटन दबाकर उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से 1930 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में दर्ज पहली ई-जीरो एफआईआर की कॉपी भी गृहमंत्री को भेंट की।
Live: हरिद्वार में आदरणीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री @amitshah जी की उपस्थिति में प्रदेश सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम https://t.co/j9pYTKscly
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 7, 2026
इसके साथ ही, गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस में नई भर्ती के पांच आरक्षियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस नई भर्ती में लगभग 2000 आरक्षियों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, CAA के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से लौटे पांच हिंदुओं को नागरिकता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। बलूचिस्तान के शैलेश, पाकिस्तान के जसपाल कुमार, दुर्गा राजपूत और अफगानिस्तान की हंसेरी बाई को भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र दिया गया।
गृह मंत्री अमित शाह ने डिजिटल माध्यम से 1100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में विभिन्न विकास योजनाओं से संबंधित विकल्प रहित संकल्प पुस्तक का विमोचन भी किया। गिरिजा शंकर जोशी ने इस पुस्तक का संपादन किया है।
यह सेवा भारत में साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के तहत शुरू की गई है। एनसीआरपी पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की जाती है। इस सेवा के माध्यम से पीड़ित व्यक्ति बिना पुलिस स्टेशन जाए कहीं से भी रिपोर्ट करवा सकते हैं।
ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद इसे तीन दिनों के भीतर नियमित एफआईआर में परिवर्तित किया जाता है। यह सुविधा सबसे पहले दिल्ली में शुरू की गई थी और अब उत्तराखंड में भी इसका आरंभ हुआ है। हालांकि, 10 लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में ई-जीरो एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है।
