उत्तराखंड में बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास, सेवाओं में सुधार की उम्मीद
उत्तराखंड में बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास
उत्तराखंड: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को लोक भवन परिसर में बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास किया। इन भवनों में विभिन्न आवश्यक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। पहले भवन में एक समेकित डिस्पेंसरी का निर्माण होगा, जिसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथिक चिकित्सा कक्ष शामिल होंगे। दूसरे भवन में सूचना परिसर और कैफेटेरिया, तीसरे भवन में लोक निर्माण विभाग का कार्यालय और चौथे भवन में उद्यान विभाग का कार्यालय बनाया जाएगा। इन भवनों का डिज़ाइन पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुसार होगा, जिससे स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि नए भवनों के निर्माण से लोक भवन परिसर में विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। उन्होंने बताया कि इससे कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी और आम जनता को भी बेहतर और त्वरित सेवाएं मिलेंगी। समेकित सुविधाओं के माध्यम से समय और संसाधनों की बचत होगी, जिससे कार्यों में दक्षता आएगी।
लोकभवन परिसर में आदरणीय राज्यपाल @LtGenGurmit (सेवानिवृत्त) जी के साथ बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास किया। लोकभवन परिसर में बहुउद्देशीय अवसंरचनाओं का विकास सुशासन एवं सेवा प्रदान करने की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एक ही परिसर में विभिन्न… pic.twitter.com/eGoOmOna9j
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 16, 2026
राज्यपाल ने कहा कि इस परियोजना में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत का समन्वय किया गया है, जो इसे विशिष्ट बनाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बहुउद्देशीय भवन लोक सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा और प्रशासनिक कार्यों के कुशल और प्रभावी निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक भवन परिसर में विकसित की जा रही यह बहुउद्देशीय अवसंरचना सुशासन और सेवा प्रदान करने की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि एक ही परिसर में विभिन्न विभागों और सुविधाओं के उपलब्ध होने से प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा और नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त होंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन भवनों का निर्माण पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुसार होने से न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों और कारीगरों को भी प्रोत्साहन देगा।
इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, उप सचिव लक्ष्मण राम आर्य, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग नीरज त्रिपाठी, सहायक अभियंता दिवाकर धस्माना, अपर सहायक अभियंता अमित सेमवाल सहित लोक भवन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
