उत्तराखंड में बादल फटने से भारी तबाही, कई लोग लापता

उत्तराखंड में बारिश का कहर
Uttarakhand Cloudburst: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचाई है। चमोली जिले में एक बार फिर बादल फटने की घटना सामने आई है। यह घटना तहसील देवाल के मोपाटा में हुई, जहां दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल में भी बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच बद्रीनाथ हाईवे अलकनंदा नदी में पूरी तरह से डूब गया है।
अलकनंदा नदी का पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे बद्रीनाथ हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। एसएसपी पौड़ी, लोकेश्वर सिंह ने बताया कि यातायात रोक दिया गया है और तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
Uttarakhand | The Badrinath highway between Srinagar and Rudraprayag has been completely submerged in the Alaknanda River, due to which the highway has been completely blocked.
— ANI (@ANI) August 29, 2025
SSP Pauri Lokeshwar Singh told ANI that traffic has been stopped at safe places. Arrangements are… pic.twitter.com/ygKEgVcnWq
मंदाकिनी नदी का उफान
केदारघाटी के लवारा गांव में पुल बह जाने से छेनागाड़ क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो गई है। रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, और स्थानीय प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सहायता के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 2013 की भयावह स्थिति की याद दिला रहा है।
चमोली में सड़कें बंद
भारी बारिश के कारण चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ जिलों में स्कूलों की छुट्टी की गई है। हरिद्वार में भी भारी बारिश हो रही है, जिससे चमोली जिले में कई सड़कें बंद हो गई हैं। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आपदा पर संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चमोली के देवाल और रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आने की वजह से कुछ परिवारों के फंसे होने की दुखद जानकारी मिली है। मैं अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।