उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल, अव्यवस्था का लगाया आरोप
उद्धव ठाकरे का चुनाव आयोग पर आरोप
शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महानगर पालिका चुनाव में चुनाव आयोग पर अव्यवस्था का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में मिली शिकायतों की संख्या पहले के किसी भी चुनाव से अधिक है। यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए बिल्कुल अस्वीकार्य है।
प्रेस वार्ता के दौरान, ठाकरे ने बताया कि महाराष्ट्र के नगरपालिका चुनाव में मतदाताओं के हाथों में इंक लगाई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उन्होंने अपने मताधिकार का उपयोग किया है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त की हैं, जो स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह दुखद है कि मतदान के समय एक मंत्री को अपने पोलिंग बूथ को खोजने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। इससे अधिक दुखद स्थिति और क्या हो सकती है?
ठाकरे ने कहा कि इस स्थिति ने चुनाव के दौरान हुई अव्यवस्था को उजागर कर दिया है। चुनाव आयोग द्वारा की गई अव्यवस्था से यह स्पष्ट होता है कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने मांग की कि महानगर पालिका चुनाव में हुई कोताही के लिए चुनाव आयोग के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। कई वर्षों बाद हुए इस चुनाव में इस तरह की लापरवाही चिंताजनक है। आखिर चुनाव आयोग क्या कर रहा है? आयोग के अधिकारी किस आधार पर वेतन ले रहे हैं? चुनाव आयोग को लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का सेवक होना चाहिए, न कि शासक।
