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उपमुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं की निगरानी पर जोर दिया

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले में विकास परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य समय पर पूर्ण होने चाहिए। माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के निर्माण में हो रही देरी पर नाराज़गी जताते हुए उन्होंने रोपवे परियोजना को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके अलावा, जल प्रबंधन और दूषित जल निकासी के मुद्दों पर भी चर्चा की गई। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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उपमुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं की निगरानी पर जोर दिया

विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी

ऊना - उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की आवश्यकता है, उनकी उपायुक्त की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। विभागीय स्तर पर मासिक बैठकें अनिवार्य हैं और हर महीने उपायुक्त को प्रगति की विस्तृत समीक्षा करनी चाहिए, ताकि सभी जनोपयोगी कार्य समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे कार्यालयों में सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर कार्यों की प्रगति की निगरानी करें।


माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर परियोजना में देरी पर नाराज़गी

उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भवन निर्माण और परिसर सौंदर्यीकरण में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जब माता वैष्णो देवी मंदिर का भव्य स्वरूप विकसित हो सकता है, तो माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में कार्यों में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य शुरू न होना अस्वीकार्य है।


रोपवे परियोजना को प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए माता चिंतपूर्णी मंदिर से संबंधित रोपवे परियोजना को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। यह लगभग 100 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगी। उन्होंने इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा।


जल प्रबंधन और ट्यूबवेलों की स्थिति

उपमुख्यमंत्री ने जल प्रबंधन से संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए बताया कि ऊना जिले में लगभग 600 ट्यूबवेल संचालित हैं। जिन ट्यूबवेलों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है, उन्हें चिह्नित कर एक समेकित डीपीआर तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ट्यूबवेलों को अद्यतन डाटा के साथ विधानसभा-वार तैयार किया जाए।


दूषित जल निकासी पर कार्रवाई

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने टाहलीवाल क्षेत्र में कुछ औद्योगिक इकाइयों द्वारा दूषित जल निकासी की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि संबंधित औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।


जल परिवहन को बढ़ावा

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने ऊना जिले के बंगाणा क्षेत्र में जल परिवहन और जल-आधारित पर्यटन की संभावनाओं की पहचान करने के निर्देश दिए।