उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता परीक्षा की तैयारी पूरी
प्रवक्ता संवर्ग की परीक्षा का आयोजन
प्रयागराज / लखनऊ। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विज्ञापन संख्या 02/2022 के तहत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के लिए कुल 624 पदों की लिखित परीक्षा का आयोजन 09 और 10 मई 2026 को निर्धारित किया है। यह परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें लगभग 4,64,605 पंजीकृत उम्मीदवार शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने 17 जिलों में 319 परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी कक्षों और महत्वपूर्ण स्थलों पर एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो जिला कंट्रोल रूम और आयोग के इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जुड़े हुए हैं। आयोग ने सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का सफल परीक्षण भी किया है।
परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और निगरानी टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी और सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों और नकल माफियाओं के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को पहली पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षाशास्त्र सहित 06 विषयों की परीक्षा होगी, जबकि दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र के 04 विषयों की परीक्षा होगी। 10 मई को पहली पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान के 05 विषयों की परीक्षा होगी, और दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी और कला के 04 विषयों की परीक्षा संपन्न होगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान की गई है, जिन्होंने एक ही नाम से विभिन्न फोटो या एक ही फोटो के साथ अलग-अलग नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए आयोग लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है। इसके तहत, प्रत्येक पाली की परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद अभ्यर्थियों द्वारा भरे गए ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग परीक्षा कक्ष में ही की जाएगी। स्कैन डेटा को तुरंत सुरक्षित किया जाएगा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मूल ओएमआर से मिलान किया जा सकेगा।
आयोग अध्यक्ष ने सभी अभ्यर्थियों से समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचने और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचना चाहिए और आयोग की वेबसाइट या आधिकारिक एक्स हैंडल पर उपलब्ध सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण तरीके से आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाले अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी।
