उमा भारती ने मालेगांव विस्फोट मामले पर उठाए सवाल

उमा भारती का बयान
उमा भारती ने मालेगांव मामले पर अपनी राय व्यक्त की: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती अक्सर मालेगांव विस्फोट मामले पर अपनी बात रखती हैं। जब आरोपियों को बरी किया गया, तब उन्होंने साध्वी प्रज्ञा से मुलाकात की थी। हाल ही में उन्होंने इस मामले पर फिर से चर्चा की और कहा कि 'इस केस में लोगों को झूठे आरोपों में फंसाया गया था।' उन्होंने इसे हिंदू समुदाय को बदनाम करने की एक साजिश करार दिया और कहा कि यह तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।
साध्वी प्रज्ञा की प्रताड़ना
उमा भारती ने आगे कहा कि इस धमाके में कई प्रमुख व्यक्तियों के नाम को खराब करने की कोशिश की गई। साध्वी प्रज्ञा और कर्नल श्रीकांत पुरोहित जैसे लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, 'इस साजिश के रचयिता देश की गरिमा की भी परवाह नहीं करते।' इसके अलावा, उन्होंने साध्वी प्रज्ञा के साथ हुई प्रताड़ना का जिक्र करते हुए कहा कि 'उन्हें इतना प्रताड़ित किया गया कि वह ठीक से चल भी नहीं पाती हैं। उन्हें 100 थप्पड़ मारे गए, उनकी कुर्सी खींची गई और जब उन्होंने पानी मांगा, तो उन्हें कुछ और ही दिया गया।'
मालेगांव ब्लास्ट केस का परिचय
मालेगांव ब्लास्ट केस क्या है? 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में एक मस्जिद के पास बम धमाका हुआ था। यह धमाका एक मोटरसाइकिल में बम लगाकर किया गया था, जिसमें 6 लोगों की जान गई और लगभग 95 लोग घायल हुए। इस मामले की प्रारंभिक जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी, लेकिन 2011 में यह मामला एनआईए के पास चला गया। मुख्य आरोपियों में साध्वी प्रज्ञा, कर्नल श्रीकांत पुरोहित और अन्य 7 लोग शामिल थे। 2025 में सभी आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।