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ऊना में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर 186 करोड़ रुपये का खर्च, 70 हजार परिवारों को लाभ

ऊना में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर 186 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी, जिससे 70 हजार से अधिक परिवारों को लाभ मिला है। बैठक में विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। इस दौरान वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के अंतर्गत दी गई सहायता का भी उल्लेख किया गया।
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ऊना में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर 186 करोड़ रुपये का खर्च, 70 हजार परिवारों को लाभ

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन

ऊना - उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि राज्य सरकार कमजोर और वंचित वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ऊना जिले में पिछले डेढ़ साल में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर 186 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे 70 हजार से अधिक पात्र परिवारों को सीधा लाभ मिला है।


उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में जिला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विधायक सुदर्शन बबलू, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, समिति के गैर-सरकारी सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समय पर पहुंचे।


उन्होंने जानकारी दी कि जिले में वर्ष 2024-25 में 121 करोड़ रुपये और वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 64.65 करोड़ रुपये खर्च कर 70 हजार से अधिक लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है।


इस वित्त वर्ष में वृद्धावस्था पेंशन के तहत 44,818 लाभार्थियों को 41.97 करोड़ रुपये वितरित किए गए। विधवा पेंशन के अंतर्गत 9,412 महिलाओं को 8.98 करोड़ रुपये और 6,065 दिव्यांगजनों को 5.7 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 5,451 पात्र महिलाओं को 5.17 करोड़ रुपये और इंदिरा गांधी विधवा पेंशन योजना के तहत 2,055 महिलाओं को 1.9 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।


सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 76 दंपत्तियों को 38 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। अत्याचार से पीड़ित 32 व्यक्तियों को 12.75 लाख रुपये की राहत भी प्रदान की गई।


कौशल विकास के क्षेत्र में 162 युवाओं को कंप्यूटर एप्लीकेशन योजना के तहत 79.73 लाख रुपये का कौशल विकास भत्ता दिया गया। दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 11 लाभार्थियों को 1.41 लाख रुपये और दिव्यांग विवाह अनुदान योजना के तहत 7 दंपत्तियों को 2.75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इसके अलावा, 26 एससी, एसटी एवं ओबीसी परिवारों को गृह अनुदान योजना के तहत 8.25 लाख रुपये की सहायता दी गई।


उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा की भावना से जुड़ी संवेदनशील पहल हैं। विधायक सुदर्शन बबलू ने बैठक में विभिन्न जनहित मुद्दों को उठाते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया। उपायुक्त जतिन लाल ने आश्वासन दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी। जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित ने विभागीय योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष देशराज गौतम, वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, जल प्रबंधन बोर्ड सदस्य पवन ठाकुर, राज्य परिवहन निगम सदस्य विवेक मिंका, मेहताब ठाकुर सहित अन्य गैर-सरकारी सदस्य, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा तथा जिले के सभी एसडीएम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।