एआर रहमान ने रामायण पर धर्म से ऊपर उठने की बात की
रामायण का इंतजार
नई दिल्ली। साल 2026 में रिलीज होने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। इस फिल्म के लिए नीतेश तिवारी ने हैंस जिमर और एआर रहमान को एक साथ लाया है। यह पहली बार है जब जिमर और रहमान एक साथ काम कर रहे हैं। एआर रहमान, जो मुस्लिम हैं, ने जब पूछा गया कि क्या उनके धर्म ने रामायण के लिए काम करने में कोई बाधा डाली, तो उन्होंने एक प्रेरणादायक उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि उनके धर्म में भी यह सिखाया गया है कि ज्ञान कहीं से भी प्राप्त किया जा सकता है और यह अनमोल होता है।
रहमान की शिक्षा और दृष्टिकोण
ब्राह्मण स्कूल में शिक्षा प्राप्त की
बीबीसी एशियन यूट्यूब चैनल पर एआर रहमान ने बताया कि जब वह रामायण का एल्बम बना रहे थे, तो उनकी धार्मिक आस्था ने कोई रुकावट नहीं डाली। उन्होंने कहा कि वह ब्राह्मण स्कूल में पढ़े हैं और हर साल रामायण और महाभारत का आयोजन होता था, जिससे उन्हें इन कहानियों का ज्ञान है। यह कहानी एक व्यक्ति के गुणों और आदर्शों के बारे में है। रहमान ने कहा कि ज्ञान का महत्व है, चाहे वह किसी भी स्रोत से प्राप्त हो।
धर्म और संस्कृति का संगम
स्वार्थ से ऊपर उठने की आवश्यकता
रहमान ने कहा कि हमें स्वार्थ और संकीर्णता से ऊपर उठना चाहिए। उन्हें गर्व है कि यह प्रोजेक्ट भारत की ओर से दुनिया को एक उपहार है। उन्होंने यह भी कहा कि हैंस जिमर यहूदी हैं, वह मुस्लिम हैं और रामायण हिंदू महाकाव्य है।
इस फिल्म में रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, सनी देओल, काजल अग्रवाल, अरुण गोविल, रवि दुबे और लारा दत्ता जैसे सितारे शामिल हैं। यह फिल्म 2026 में दीवाली पर रिलीज होने वाली है और इसका बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये है।
