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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ

भारतीय वायुसेना में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति हुई है, जिसमें एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में चुना गया है। उनका कार्यभार 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा। आशुतोष दीक्षित एक अनुभवी लड़ाकू पायलट हैं, जिन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उनकी नियुक्ति को वायुसेना में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। जानें उनके अनुभव और नई जिम्मेदारियों के बारे में इस लेख में।
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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ

भारतीय वायुसेना में महत्वपूर्ण नियुक्ति

नई दिल्ली - भारतीय वायुसेना में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, जो वर्तमान में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (सीआईएससी) के पद पर कार्यरत हैं, को भारतीय वायुसेना का अगला वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ नियुक्त किया गया है। वह 1 जुलाई 2026 से अपने नए कार्यभार का संचालन करेंगे।


एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना के अनुभवी लड़ाकू पायलटों में गिना जाता है। उन्होंने दिसंबर 1986 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया और अपने लगभग चार दशकों के सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण परिचालन, प्रशिक्षण और रणनीतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उनके पास 3,300 से अधिक उड़ान घंटों का अनुभव है और उन्होंने विभिन्न लड़ाकू विमानों का संचालन किया है।


अपने सैन्य करियर के दौरान, उन्होंने वायुसेना के कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिसमें सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ शामिल हैं। मई 2025 में, उन्होंने चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ का पदभार संभाला, जहां उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


1 जुलाई से वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ का दायित्व संभालने के बाद, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण, संयुक्त सैन्य संचालन, स्वदेशीकरण और भविष्य की रणनीतिक तैयारियों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उनकी नियुक्ति को वायुसेना नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। एयर मार्शल को अति विशिष्ट सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक और वायु सेना पदक से सम्मानित किया जा चुका है।


सीआईएससी का पदभार संभालने से पहले, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमान-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने उत्तर भारत और मध्य क्षेत्र में परिचालन तत्परता बढ़ाने और अन्य सेवाओं के साथ समन्वय को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। वे एक बेहतरीन फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और प्रायोगिक टेस्ट पायलट भी हैं।


एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर सहित 20 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान का लंबा अनुभव प्राप्त किया है। उन्होंने दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख लड़ाकू विमान प्रशिक्षण अड्डे की कमान भी संभाली थी, जहां उनके नेतृत्व में इस अड्डे को कमांड में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया था।