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ऑपरेशन सिंदूर: राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि यह रणनीति के तहत रोका गया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन किसी मजबूरी के कारण नहीं रोका गया, बल्कि यह भारत की रणनीति के अनुसार था। इस ऑपरेशन ने दुश्मन को एक कड़ा संदेश दिया और भारतीय सेना की ताकत को प्रदर्शित किया। जानें इस ऑपरेशन के पीछे की तैयारी और तीनों सेनाओं के तालमेल के बारे में।
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ऑपरेशन सिंदूर: राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि यह रणनीति के तहत रोका गया

नई दिल्ली में रक्षा मंत्री का बयान


नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को किसी प्रकार की मजबूरी या संसाधनों की कमी के चलते नहीं रोका गया। यह निर्णय पूरी तरह से भारत की रणनीति और शर्तों के अनुसार लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति के लिए तैयार थी और आवश्यकता पड़ने पर लंबी लड़ाई लड़ने में सक्षम थी।


ऑपरेशन का उद्देश्य

इस ऑपरेशन की शुरुआत 7 मई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद की गई थी। इसके तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई ने न केवल दुश्मन को एक कड़ा संदेश दिया, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति का भी प्रदर्शन किया।


'अपनी शर्तों पर रोका गया ऑपरेशन'

रक्षा मंत्री ने कहा, "मैं फिर से स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमने यह ऑपरेशन इसलिए नहीं रोका कि हमारी क्षमता कम हो गई थी। हमने इसे अपनी मर्जी से अपनी शर्तों पर रोका। अगर आवश्यकता होती, तो हम लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह से तैयार थे। हमारी सर्ज कैपेसिटी, यानी अचानक जरूरत के समय क्षमता बढ़ाने की ताकत, हमारे पास थी और अभी भी है।"


डिटरेंस का उदाहरण

राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन को दुश्मन के मन में डर पैदा करने वाली कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर, दुश्मन के मन में डर पैदा करने का एक ठोस उदाहरण था। मुझे 'डिटरेंस' के बारे में एक ही लाइन याद आती है: 'भय बिन होय न प्रीत', जिसका अर्थ है कि डर के बिना प्रेम या सम्मान नहीं हो सकता। यही डिटरेंस का असली सार है।"


72 घंटे का ऑपरेशन, लेकिन लंबी तैयारी

रक्षा मंत्री ने बताया कि भले ही यह ऑपरेशन 72 घंटे में पूरा हुआ हो, लेकिन इसकी तैयारी काफी समय से चल रही थी। उन्होंने कहा, "अगर जरूरत पड़ी तो हम एक लंबी जंग लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"


तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत

राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन में तीनों सेनाओं के तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर, हमारी सेनाओं के बीच एकजुटता का एक उदाहरण था। थल सेना, वायुसेना, और नौसेना ने मिलकर यह दिखा दिया कि भारत की सैन्य शक्ति अब साइलोज में नहीं, बल्कि एक साझा और वैश्विक ताकत के रूप में उभर चुकी है।"


पाकिस्तान पर निशाना

रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश बताया। उन्होंने कहा, "हमने हमेशा देखा है कि पाकिस्तान जैसे देश आतंकवाद को समर्थन देते आए हैं। यही कारण है कि भारत और पाकिस्तान एक ही समय आजाद हुए, लेकिन आज भारत को पूरी दुनिया में सूचना प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र माना जाता है।"