ओडिशा में विमान दुर्घटना: पायलट के साहस ने बचाई छह लोगों की जान
ओडिशा में विमान दुर्घटना का मंजर
ओडिशा: राउरकेला में एक छोटा विमान, जो भुवनेश्वर से आ रहा था, तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना राउरकेला हवाई पट्टी से लगभग नौ किलोमीटर दूर जाल्दा क्षेत्र में हुई। जैसे ही पायलट को उड़ान के दौरान समस्या का पता चला, उन्होंने इमरजेंसी लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन विमान सुरक्षित रनवे तक नहीं पहुँच सका। इस हादसे में पायलट सहित छह लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
टेक-ऑफ के बाद आई तकनीकी समस्या
जानकारी के अनुसार, यह 9 सीटों वाला विमान दोपहर करीब 1:15 बजे राउरकेला एयरस्ट्रिप पर लैंड करने के लिए उड़ान भर रहा था। टेक-ऑफ के लगभग 10 किलोमीटर बाद विमान में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का निर्णय लिया और विमान को जाल्दा के पास उतारने की कोशिश की।
विमान में सवार लोग
अधिकारियों के अनुसार, विमान में कुल छह लोग थे, जिनमें चार यात्री और दो क्रू मेंबर शामिल थे। क्रू मेंबर के रूप में कैप्टन नवीन कडंगा और कैप्टन तरुण श्रीवास्तव विमान उड़ा रहे थे। सभी लोग घायल हुए हैं, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं है। पायलट को अधिक चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है।
बचाव कार्य की तत्परता
दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। मौके पर तीन फायर ब्रिगेड की टीमें भेजी गईं और बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय लोग और पुलिस भी राहत कार्य में शामिल हो गए। विमान के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सभी यात्रियों और क्रू को समय पर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही
घटना के गवाहों ने बताया कि विमान काफी नीचे उड़ता हुआ दिखाई दिया, जिससे लोग घबरा गए। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने पहले कभी विमान को इतनी कम ऊंचाई पर उड़ते नहीं देखा था। कुछ ही क्षणों में विमान जमीन से टकरा गया। आसपास के पेड़ों के कारण स्थिति और भी खतरनाक हो सकती थी, लेकिन सौभाग्य से विमान उनसे टकराया नहीं।
जांच का कार्य
हादसे के बाद विमानन अधिकारी यह पता लगाने में जुट गए हैं कि तकनीकी खराबी का कारण क्या था। क्षेत्रीय रूटों पर छोटे विमानों की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के असली कारणों का पता चल सकेगा।
बड़े हादसे से बचाव
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि विमान आसपास के पेड़ों या रिहायशी इलाके में गिरता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पायलट के समय पर लिए गए निर्णय और त्वरित बचाव कार्य के कारण सभी यात्रियों की जान बच गई, जिसे राहत की बात माना जा रहा है।
