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ओवैसी और सरमा के बीच राजनीतिक विवाद: क्या भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू होगा?

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। ओवैसी ने कहा कि भविष्य में एक हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बनेगी, जबकि सरमा ने दावा किया कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही रहेगा। ओवैसी ने सरमा की सोच को पाकिस्तान जैसी बताया। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और दोनों नेताओं के विचार।
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ओवैसी और सरमा के बीच राजनीतिक विवाद: क्या भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू होगा?

ओवैसी और सरमा के बीच जुबानी जंग

ओवैसी बनाम सरमा: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच एक तीखी बहस शुरू हो गई है। ओवैसी ने हाल ही में कहा था कि भविष्य में एक हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। इस पर सरमा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही रहेगा। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ओवैसी ने सरमा पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सोच पाकिस्तान जैसी है।


ओवैसी ने सरमा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वह अपने विचारों में 'ट्यूबलाइट' हैं। उन्होंने संविधान की शपथ ली है, लेकिन क्या उन्हें पता है कि उसमें क्या लिखा है? हिमंत बिस्वा सरमा की सोच पाकिस्तान के संविधान से मिलती है, जहां केवल एक ही समुदाय का व्यक्ति प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकता है। हमारे देश में, बाबासाहेब अंबेडकर ने हमें एक ऐसा संविधान दिया है, जो सरमा से कहीं अधिक समझदार और शिक्षित है।"



हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने आगे कहा, "यह दुखद है कि कुछ लोग न तो संविधान को समझते हैं और न ही उसकी भावना को। यह देश किसी एक धर्म या समुदाय का नहीं है - यही इसकी विशेषता है। जो लोग भगवान में विश्वास नहीं करते, उनकी भी यहाँ जगह है। उनकी सोच संकीर्ण है, और वे छोटी-छोटी बातों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।" उल्लेखनीय है कि सरमा ने पहले कहा था कि संवैधानिक रूप से भारत में कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र और हिंदू सभ्यता वाला देश है। उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही रहेगा।