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ओवैसी का बयान: धार्मिक यात्राओं के दौरान सड़कों पर सवाल नहीं उठाए जाते

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में धार्मिक यात्राओं के दौरान सड़कों के बंद होने और मीडिया की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नमाज और अजान से जुड़े मुद्दे जानबूझकर उठाए जाते हैं। इसके अलावा, ओवैसी ने नीट पेपर लीक मामले में मीडिया की अनदेखी और रमजान के दौरान शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके विचारों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया है।
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ओवैसी का बयान: धार्मिक यात्राओं के दौरान सड़कों पर सवाल नहीं उठाए जाते

सड़क पर नमाज का मुद्दा


ओवैसी का कहना है कि नमाज और अजान से जुड़े मुद्दे जानबूझकर उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से दिल्ली तक धार्मिक यात्राओं के दौरान सड़कों को बंद किया जाता है, लेकिन इस पर कोई सवाल नहीं उठाता। ओवैसी ने यह टिप्पणी हैदराबाद में ईद मिलाप कार्यक्रम के दौरान की।


रमजान में शराब की दुकानों पर प्रतिबंध

ओवैसी ने हिंदू त्योहारों के दौरान मांस और अंडे की बिक्री पर प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि त्योहारों के दौरान मांस की दुकानें बंद की जाती हैं, तो रमजान के 30 दिनों में शराब की दुकानों को भी बंद किया जाना चाहिए।


मीडिया की प्राथमिकताएं

उन्होंने नीट पेपर लीक मामले की मीडिया कवरेज की आलोचना की। ओवैसी ने कहा कि 22 लाख छात्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन मीडिया ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बजाय, मुसलमानों, अजान और मांस जैसे मुद्दों को अधिक महत्व दिया गया।


सरकार पर सवाल उठाने वाले

ओवैसी ने एक न्यूज एंकर द्वारा सीबीएससी की बदली गई आंसर शीट पर सवाल उठाने वाले छात्र को पाकिस्तानी कहे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार पर सवाल उठाने वाला हर व्यक्ति पाकिस्तानी है? इसके अलावा, उन्होंने असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की आलोचना की।