कटिहार में भयानक सड़क हादसा: 10 लोगों की मौत, 31 घायल
कटिहार सड़क दुर्घटना
कटिहार में एक गंभीर सड़क दुर्घटना में कम से कम 10 लोगों की जान चली गई और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह घटना शनिवार शाम को हुई, जब एक तेज रफ्तार बस ने सामने से आ रही पिकअप वैन को जोरदार टक्कर मारी। यह दुखद घटना नेशनल हाईवे-31 पर दादपुर और बासगारा चौक के बीच, कोढ़ा पुलिस थाना क्षेत्र में घटित हुई।
दुर्घटना का विवरण
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, पूर्णिया से कुरसेला जा रही एक बस बेकाबू हो गई और एक पिकअप वैन से टकरा गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि पिकअप वैन पूरी तरह से चपटी हो गई।
इस टक्कर के बाद एक श्रृंखला में अन्य वाहन भी शामिल हो गए, जिसमें एक स्कॉर्पियो SUV और तीन मोटरसाइकिलें शामिल थीं।
मृतकों और घायलों की जानकारी
मृतकों में पिकअप वैन के नौ यात्री और एक मोटरसाइकिल सवार शामिल हैं। मोटरसाइकिल सवार की पहचान पूर्णिया के सदानंद मुर्मू (32) के रूप में हुई है, जो अपने घर लौट रहे थे।
पिकअप वैन में लगभग 35 यात्री सवार थे, जो सभी पूर्णिया के मुफस्सिल पुलिस थाना क्षेत्र के सुहवा गांव के निवासी थे। वे दुमका में एक धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे।
कुछ पीड़ितों की पहचान की गई है, जिनमें पिकअप ड्राइवर चिंतामणि महतो (32), 10 साल की राधिका उरांव और अन्य स्थानीय लोग शामिल हैं।
चोटें और बचाव कार्य
दर्जनों लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें स्कॉर्पियो के यात्री और अन्य बाइक सवार शामिल हैं। उन्हें पहले नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया और बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए बड़े चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया।
घटनास्थल पर तुरंत अफरा-तफरी मच गई, स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े और पुलिस के पहुंचने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि पीड़ित, जिनमें अधिकांश आदिवासी समुदाय के लोग थे, धार्मिक अनुष्ठानों के बाद अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
सांसद ने इस घटना की गहन जांच की मांग की है और अधिकारियों से पीड़ितों के परिवारों को उचित मुआवजा देने का आग्रह किया है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के कड़े उपायों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
