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कतर में फिर से गिरफ्तार हुए पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी पूर्णेंदु तिवारी

कतर में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को फिर से गिरफ्तार किया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है, जो एक लंबे समय से चल रहे मामले का हिस्सा है। तिवारी को पहले भी जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें रिहा कर दिया गया था। उनके परिवार ने भारत सरकार से मानवीय आधार पर उनकी वापसी की गुहार लगाई है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और सरकार की प्रतिक्रिया क्या है।
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कतर में फिर से गिरफ्तार हुए पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी पूर्णेंदु तिवारी

नई दिल्ली से चिंताजनक खबर

नई दिल्ली: कतर से एक बार फिर एक गंभीर समाचार सामने आया है। वहां फंसे भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को फिर से गिरफ्तार किया गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इस घटना की पुष्टि की। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि कतर की अदालत के आदेश के बाद उन्हें पिछले दिसंबर में हिरासत में लिया गया था। उल्लेखनीय है कि तिवारी उन आठ पूर्व अधिकारियों में से एकमात्र हैं जो रिहाई के बाद भारत नहीं लौट सके थे।


मामले की पृष्ठभूमि और दूतावास की भूमिका

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि तिवारी को एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो कतर में काफी समय से चल रहा था। इस कार्रवाई में कुछ अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है, लेकिन वे भारतीय नागरिक नहीं हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोहा में स्थित भारतीय दूतावास कमांडर तिवारी और उनके परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। चूंकि यह गिरफ्तारी अदालत के आदेश पर हुई है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए मंत्रालय ने इस पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।


मौत की सजा और अन्य अधिकारियों की वापसी

यह मामला अगस्त 2022 से चर्चा में है, जब कतर की खुफिया एजेंसी ने जासूसी के संदेह में आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी 'दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज' कंपनी में कतर की नौसेना को प्रशिक्षण दे रहे थे। अक्टूबर 2023 में कतर की अदालत ने इन सभी भारतीयों को मौत की सजा सुनाई थी, जिस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया था। भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों के बाद फरवरी 2024 में सभी आठ अधिकारियों को रिहा कर दिया गया था। रिहाई के बाद सात अधिकारी भारत लौट आए थे, लेकिन पूर्णेंदु तिवारी को कुछ कानूनी पाबंदियों के कारण कतर में रुकने का आदेश दिया गया था।


परिवार की चिंता और सरकार का आश्वासन

कमांडर पूर्णेंदु तिवारी मध्य प्रदेश के ग्वालियर के निवासी हैं। उनके भारत न लौट पाने और अब दोबारा गिरफ्तारी की खबर से उनका परिवार गहरे सदमे में है। उनकी बहन ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नौसेना प्रमुख से गुहार लगाई है कि उनके भाई को मानवीय आधार पर जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए। भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह अपने नागरिक की कानूनी सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और कतर के साथ इस संवेदनशील मुद्दे पर नजर बनाए हुए है।