कनाडा ने पंजाबियों को दिया बड़ा झटका: बुजुर्गों के लिए PR पर रोक
कनाडा सरकार का नया फैसला
ओटावा: कनाडा जाने की इच्छा रखने वाले और वहां निवास कर रहे पंजाबियों के लिए ट्रूडो सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कनाडा ने वीजा नियमों में कड़े बदलाव करते हुए बुजुर्गों (माता-पिता और दादा-दादी) के लिए 'परमानेंट रेजिडेंस' (PR) के नए आवेदनों पर रोक लगा दी है। यह निर्णय उन हजारों पंजाबियों के लिए एक बड़ा झटका है, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता को हमेशा के लिए अपने पास बुलाना चाहते थे। हालांकि, एक राहत की बात यह है कि बुजुर्गों के पास 'सुपर वीजा' का विकल्प मौजूद रहेगा, जिसके माध्यम से वे लगातार 5 साल तक कनाडा में अपने परिवार के साथ रह सकते हैं।
इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव
कनाडा के इमिग्रेशन विभाग के अनुसार, सरकार ने 2026-2028 की नई इमिग्रेशन नीति के तहत PR की संख्या में कमी करने का निर्णय लिया है। इसी कारण 'Parents and Grandparents Program' (PGP) के तहत 2025 में नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल उन फाइलों को प्रोसेस किया जाएगा, जो 2024 में सबमिट की गई थीं। आंकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 25 से 30 हजार बुजुर्गों को PR मिलती थी, जिसमें लगभग 6 हजार पंजाबी बुजुर्ग शामिल होते थे। अब यह रास्ता अगले आदेश तक बंद हो गया है।
केयरगिवर प्रोग्राम पर भी रोक
बुजुर्गों की PR के अलावा, कनाडा सरकार ने दिसंबर 2025 से 'होम केयर वर्कर' (केयरगिवर) पायलट प्रोग्राम पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह वीजा उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण साधन था, जो बच्चों या बुजुर्गों की देखभाल के आधार पर कनाडा में बसना चाहते थे। अब यह प्रोग्राम मार्च 2026 में फिर से नहीं खुलेगा। सरकार ने इसके पीछे देश में आवास की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को मुख्य कारण बताया है। इमिग्रेशन विभाग के अनुसार, वर्तमान में कनाडा में 65 साल से अधिक उम्र के लगभग 81 लाख लोग हैं, जिससे वहां के स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर भारी बोझ पड़ रहा है।
विशेषज्ञों की सलाह
इस नए आदेश के बाद पंजाब में, विशेषकर जालंधर जैसे एनआरआई केंद्रों में चिंता बढ़ गई है। जालंधर बस स्टैंड के पास स्थित पिनेकल वीजा के मालिक तीर्थ सिंह ने बताया कि यह खबर बुजुर्गों के लिए चिंताजनक है, लेकिन पैनिक करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पास कई बुजुर्गों के घबराए हुए फोन आ रहे हैं। तीर्थ सिंह ने स्पष्ट किया कि कनाडा सरकार ने PR पर रोक लगाई है, लेकिन घूमने जाने या सुपर वीजा पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी नीति को पढ़ने के बाद नियम और स्पष्ट होंगे, लेकिन कनाडा पहले भी बैकलॉग कम करने के लिए ऐसे अस्थायी कदम उठा चुका है।
