करण औजला के पुणे कॉन्सर्ट पर विवाद, प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
पुणे में होने वाला शो विवादों में
नई दिल्ली: पंजाबी गायक करण औजला का आज 'पी पॉप कल्चर इंडिया टूर 2026' के तहत पुणे के खराड़ी में महालक्ष्मी लॉन्स में कॉन्सर्ट आयोजित होने वाला है। लेकिन इस शो से पहले ही एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। चंडीगढ़ के प्रोफेसर धरनेवर द्वारा की गई शिकायत के बाद महिला एवं बाल विकास अधिकारी रोहिणी उबाले ने संबंधित पुलिस स्टेशन को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने पुलिस को चेतावनी दी है कि औजला के गानों का नाबालिगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए उचित कदम उठाए जाएं।
गानों पर उठे सवाल
प्रोफेसर धरनेवर ने 25 फरवरी 2026 को पुणे के डीसीपीओ को एक पत्र सौंपा था, जिसमें करण औजला के कई गानों जैसे 'अढ़िया', 'चित्ता कुर्ता', 'अल्कोहल 2', 'फ्यू डेज', 'बंदूक', 'गैंगस्टा' और 'एमएफ गबरू' पर आपत्ति जताई गई है। इन गानों में शराब, ड्रग्स और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, शिकायत में महिलाओं के प्रति असम्मान की भावना को भी उजागर किया गया है। शिकायतकर्ता ने चिंता व्यक्त की है कि यदि नाबालिग बच्चों को इस कॉन्सर्ट में प्रवेश दिया गया, तो इससे उनके मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कानूनी पहलू
इस मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण निर्णय का भी उल्लेख किया गया है। 22 जुलाई 2019 को दिए गए इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि समाज में शराब, नशा, हिंसा और अवैध हथियारों को बढ़ावा देने वाले गानों पर रोक लगाई जानी चाहिए। इसी आधार पर पुणे में होने वाले इस कॉन्सर्ट के खिलाफ प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
दिल्ली शो में हंगामा
पुणे कॉन्सर्ट से पहले करण औजला का दिल्ली में हुआ शो भी हंगामे का शिकार हुआ था। इस कॉन्सर्ट के वीवीआईपी लाउंज में फैंस के बीच झगड़ा हो गया, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। कई महिलाएं और लड़कियां डर के मारे कॉन्सर्ट छोड़कर भाग गईं। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि, इस हंगामे के बावजूद करण औजला ने मंच से शांति की कोई अपील नहीं की।
