Newzfatafatlogo

कर्नाटक के स्कूल में 17 वर्षीय छात्रा ने शौचालय में दिया बच्चे को जन्म, आरोपी गिरफ्तार

कर्नाटक के शाहपुर तालुका में एक सरकारी आवासीय विद्यालय में 17 वर्षीय छात्रा ने शौचालय में बच्चे को जन्म दिया, जिससे स्थानीय लोग हैरान रह गए। छात्रा ने बताया कि लगभग नौ महीने पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और स्कूल प्रशासन की लापरवाही के लिए भी कार्रवाई की गई है। यह घटना स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा की कमी को उजागर करती है।
 | 
कर्नाटक के स्कूल में 17 वर्षीय छात्रा ने शौचालय में दिया बच्चे को जन्म, आरोपी गिरफ्तार

कर्नाटक में चौंकाने वाली घटना

यौन उत्पीड़न: कर्नाटक के शाहपुर तालुका के एक सरकारी आवासीय विद्यालय में एक 17 वर्षीय छात्रा ने स्कूल के शौचालय में बच्चे को जन्म दिया। इस घटना ने स्थानीय समुदाय को चौंका दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। यह घटना तब सामने आई जब कक्षा 9 की छात्रा अचानक प्रसव पीड़ा में थी। उसकी सहेलियों ने उसे दर्द में तड़पते देखा और तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचित किया।


तत्काल चिकित्सा सहायता

स्कूल प्रशासन ने तुरंत नाबालिग छात्रा और उसके नवजात शिशु को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दोनों की स्थिति को स्थिर बताया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पता चला कि छात्रा पूर्ण गर्भावस्था में थी। उसने बताया कि लगभग नौ महीने पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। तनाव और डर के कारण वह पहले इस घटना का खुलासा नहीं कर पाई थी। उसने कहा कि शौचालय में अचानक तेज दर्द हुआ और उसने वहीं बच्चे को जन्म दिया।


आरोपी की गिरफ्तारी

आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने जांच के बाद 28 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसे इस मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा, स्कूल प्रशासन की लापरवाही के लिए हॉस्टल वार्डन, प्रिंसिपल, स्टाफ नर्स और छात्रा के भाई के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया, क्योंकि उन्होंने इस घटना की समय पर सूचना नहीं दी।


स्कूल प्रशासन की लापरवाही

स्कूल प्रशासन पर सवाल

पुलिस ने पाया कि छात्रा की गर्भावस्था के बारे में स्कूल प्रशासन को कोई जानकारी नहीं थी, और न ही उन्होंने इसकी सूचना दी। हॉस्टल वार्डन गीता सलीमानी ने दावा किया कि उन्हें गर्भावस्था का कोई अंदाजा नहीं था। प्रिंसिपल बसम्मा पाटिल ने भी कहा कि छात्रा में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखे और उसकी वैवाहिक स्थिति भी अस्पष्ट थी। पुलिस ने यह भी बताया कि छात्रा शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत से ही स्कूल में अनियमित थी।


कर्मचारियों पर कार्रवाई

कर्मचारियों पर कार्रवाई

कर्नाटक आवासीय शैक्षणिक संस्थान सोसायटी (केआरईआईएस) ने इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए प्रिंसिपल, हॉस्टल वार्डन और दो अन्य कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि जब छात्रा पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी, तब उसकी काउंसलिंग की जाएगी ताकि घटना के पूरे विवरण और आरोपी के साथ उसके संबंधों का पता लगाया जा सके। यह घटना स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और निगरानी की कमी को उजागर करती है।