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कर्नाटक में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची, फिर की शादी

कर्नाटक के तुमकुरु जिले में एक मजदूर की संदिग्ध मौत ने एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया। उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई और 20 दिन बाद शादी कर ली। जब परिवार को शक हुआ, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत की। जांच में पता चला कि यह हत्या प्राकृतिक नहीं थी। जानें इस दिलचस्प मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
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कर्नाटक में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची, फिर की शादी

तुमकुरु में एक हत्या की साजिश का खुलासा


तुमकुरु : कर्नाटक के तुमकुरु जिले के दसराहल्ली गांव में मजदूर परमेश की अचानक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। परिवार ने इसे हार्ट अटैक मानकर अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन 20 दिन बाद जब उनकी पत्नी आशा ने अपने प्रेमी चंद्रप्पा से विवाह कर लिया, तो गांव में हलचल मच गई। परमेश की बहनों को संदेह हुआ कि यह सब पहले से तय साजिश का हिस्सा है, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में जो तथ्य सामने आए, उसने रिश्तों के विश्वास को हिला दिया।


परमेश की मौत का रहस्य

हार्ट अटैक समझकर अंतिम संस्कार: 30 जनवरी की रात को परमेश की मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी आशा ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। परिवार सदमे में था, इसलिए जल्दी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव के लोग भी इस कहानी पर विश्वास कर बैठे। उस समय किसी को नहीं लगा कि यह मौत किसी बड़े धोखे का हिस्सा हो सकती है।


आशा की दूसरी शादी

पत्नी ने 20 दिन बाद की दूसरी शादी: परमेश की मृत्यु के 20 दिन बाद, आशा ने चंद्रप्पा से विवाह कर लिया। यह खबर फैलते ही परिवार और पड़ोस में चर्चा शुरू हो गई। परमेश की बहनों को लगा कि इतनी जल्दी नई शादी किसी गहरे राज की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने तुरंत हेब्बूर पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत की।


पुलिस जांच का आरंभ

बहनों ने की जांच की मांग: बहनों ने पुलिस को बताया कि उनके भाई की मृत्यु सामान्य नहीं थी। उन्हें आशा और चंद्रप्पा के बीच पहले से ही गुप्त संबंधों का संदेह था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। जल्द ही अधिकारियों ने निर्णय लिया कि सच्चाई जानने के लिए शव को कब्र से बाहर निकालना होगा।


शव का पोस्टमॉर्टम

कब्र से निकालवाया गया शव: पुलिस ने तहसीलदार और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में परमेश का शव कब्र से निकाला। गांव में सनसनी फैल गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने नमूने लिए। जांच से स्पष्ट हुआ कि मृत्यु प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि दम घोंटकर की गई थी।


आरोपियों की गिरफ्तारी

पूछताछ में हुआ खुलासा: लगातार पूछताछ के बाद, आशा और चंद्रप्पा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। दोनों ने बताया कि परमेश उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन गया था। उन्होंने सोची-समझी योजना के तहत रात में सोए हुए परमेश के मुंह पर तकिया दबाकर उसे मार डाला। बाद में इसे हार्ट अटैक का रूप देकर छिपा दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। अब यह देखा जा रहा है कि क्या इस साजिश में कोई और शामिल था। एक महीने तक छिपी यह घटना अब एक खौफनाक हत्याकांड बन चुकी है जिसने पूरे इलाके को चौंका दिया।