कश्मीर में ईरान के लिए जुटाए गए करोड़ों रुपये: सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
ईरान के लिए चंदा: सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
श्रीनगर से मिली जानकारी के अनुसार, ईरान भारत के नागरिकों से चंदा इकट्ठा कर रहा है। इसके लिए ईरानी दूतावास ने एक बैंक खाता और यूपीआई आईडी जारी की है। कश्मीर घाटी से ईरान के समर्थन में करोड़ों रुपये का चंदा जुटाया गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 17.91 करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा किया गया है।
इस चंदे में से 85% राशि शिया समुदाय द्वारा दान की गई है। बड़गाम, जो कि शिया बहुल क्षेत्र है, से लगभग 9.5 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। यह फंडरेजिंग अभियान जकात और सदका के माध्यम से चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान में संघर्ष से प्रभावित नागरिकों की सहायता करना बताया गया है।
ईरानी दूतावास द्वारा बैंक खाता और क्यूआर कोड का साझा
सूत्रों के अनुसार, ईरानी दूतावास ने भारत में सीधे पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक विशेष बैंक खाता खोला है, जिसमें यूपीआई के माध्यम से भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। अधिकारियों का मानना है कि चंदे की राशि और बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल दूतावास के आधिकारिक माध्यमों से ही पैसे भेजें, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया कि पहले भी चैरिटी के नाम पर जुटाए गए फंड के दुरुपयोग के मामले सामने आ चुके हैं।
खुफिया एजेंसियों की निगरानी और चंदे के दुरुपयोग की आशंका
सुरक्षा एजेंसियां इस फंड की निगरानी कर रही हैं। उनका कहना है कि चंदे का कुछ हिस्सा गलत हाथों में जा सकता है या इसका दुरुपयोग हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि लोगों की भावना सही हो सकती है, लेकिन बिचौलिये और बिना सत्यापन वाले संगठनों से पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। यदि पर्याप्त निगरानी नहीं की गई, तो इस तरह के फंड का इस्तेमाल राजनीतिक या अन्य गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
