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कश्मीर में बर्फबारी से पर्यटकों में खुशी की लहर

कश्मीर घाटी में हाल ही में हुई बर्फबारी ने पर्यटकों में खुशी की लहर पैदा कर दी है। फरवरी के सूखे के बाद, ऊंचे क्षेत्रों में ताजा बर्फ गिरने से पर्यटक बर्फ में खेलते और तस्वीरें लेते नजर आए। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है। जानें बर्फबारी के प्रभाव और पर्यटन उद्योग पर इसके सकारात्मक परिणाम।
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कश्मीर में बर्फबारी से पर्यटकों में खुशी की लहर

कश्मीर घाटी में बर्फबारी का जादू


कश्मीर घाटी में लंबे समय बाद बर्फबारी ने सभी का मन मोह लिया है। फरवरी में सूखे के बाद, रविवार को ऊंचे क्षेत्रों में ताजा बर्फ गिरने से पर्यटकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। गुलमर्ग रिसॉर्ट से लेकर शोपियां, गांदरबल, कुपवाड़ा और बांदीपोरा तक बर्फ की चादर बिछ गई। पर्यटक बर्फ में खेलते हुए, तस्वीरें लेते हुए और खुशी से झूमते हुए नजर आए। मैदानी इलाकों में बारिश हुई, जिससे दिन का तापमान गिर गया। मौसम विभाग ने 20 मार्च तक मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है।


पर्यटकों की खुशी दोगुनी

गुलमर्ग में पर्यटकों के समूह बर्फबारी का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। कई लोग बर्फ में फोटो सेशन कर रहे थे, जबकि कुछ बर्फीले ढलानों को देखकर हैरान थे। शोपियां से आई एक वीडियो में बर्फ से ढके पाइन के पेड़ बेहद खूबसूरत नजर आ रहे थे। बिहार से आई एक पर्यटक ने कहा कि अप्रत्याशित बर्फबारी ने उन्हें बेहद खुश कर दिया है। पर्यटकों का कहना है कि मार्च में ऐसी बर्फबारी दुर्लभ है और यह यात्रा को यादगार बना रही है।


बर्फबारी के प्रभावित क्षेत्र

पिर की गली (मुगल रोड पर शोपियां) और सोनमर्ग-जोजिला एक्सिस में भी अच्छी बर्फबारी हुई। गुरेज घाटी में पहाड़ों पर मोटी बर्फ की चादर बिछ गई। सिंथन टॉप दर्रे में बर्फबारी के कारण ट्रैफिक जाम हो गया और वाहनों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। कश्मीर के मैदानी इलाकों जैसे श्रीनगर में बारिश हुई, जिससे तापमान में तेज गिरावट आई। मौसम विभाग ने बताया कि यह पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव है।


मौसम विभाग का पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि 15 से 21 मार्च तक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना है। सोमवार सुबह तक छिटपुट बारिश या ऊंचाई पर बर्फबारी जारी रहने की उम्मीद है। मंगलवार को कुछ स्थानों पर हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है। मार्च में बर्फबारी को ऑफ-सीजन माना जाता है, क्योंकि सामान्यतः भारी बर्फ दिसंबर से फरवरी तक गिरती है।


पर्यटन को मिली राहत

लंबे सूखे के बाद बर्फबारी ने पर्यटन उद्योग में जान डाल दी है। होटल और रिसॉर्ट में बुकिंग में वृद्धि हो रही है। पर्यटक बर्फ में स्लेजिंग और अन्य गतिविधियों का आनंद ले रहे हैं। स्थानीय लोग भी खुश हैं क्योंकि बर्फ से पानी की कमी दूर होगी। हालांकि, ऊंचाई वाले दर्रों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतनी होगी। मौसम विभाग ने लोगों को अपडेट रहने की सलाह दी है ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।