कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का MGNREGA पर मोदी सरकार पर तीखा हमला
खरगे का बयान
नई दिल्ली। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने MGNREGA के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि MGNREGA पर हमला करना करोड़ों श्रमिकों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। हम हर स्तर पर, पंचायत से लेकर संसद तक, शांतिपूर्ण और दृढ़ता से इसका विरोध करेंगे।
कांग्रेस की मांगें
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तीन प्रमुख मांगें रखती है—VB GRAM G कानून को वापस लिया जाए, MGNREGA को एक अधिकार आधारित कानून के रूप में पुनर्स्थापित किया जाए, और काम के अधिकार तथा पंचायतों के अधिकार को बहाल किया जाए। इसीलिए हमने देशभर में ‘MGNREGA बचाओ संग्राम’ की शुरुआत की है। MGNREGA कोई दान नहीं है, बल्कि यह एक कानूनी गारंटी है। यह सबसे गरीब लोगों को उनके गांवों में रोजगार प्रदान करता है, भूख और मजबूरी में पलायन को कम करता है, ग्रामीण मजदूरी को बढ़ाता है, और महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है। VB GRAM G इस अधिकार को समाप्त करने के लिए बनाया गया है। कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करती है क्योंकि इससे काम अब गारंटी वाला अधिकार नहीं रहेगा, बल्कि चुनी हुई पंचायतों में केवल अनुमति की बात होगी। बजट सीमित कर दिया जाएगा, जिससे संकट के समय भी धन खत्म होने पर काम रुक जाएगा।
खरगे की चिंताएं
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में फंड और काम का निर्धारण किया जाएगा, जिससे ग्राम सभाएं और पंचायतें निष्क्रिय हो जाएंगी। 60 दिनों के काम के ब्लैकआउट से सबसे अधिक जरूरत के समय काम न देने को कानूनी मान्यता मिल जाएगी। मजदूरी अब एक सुरक्षित अधिकार नहीं रह जाएगी, बल्कि यह अनिश्चित और कम की जा सकेगी। राज्यों को 40 प्रतिशत फंड देने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिससे संघवाद कमजोर होगा और गरीब राज्यों को नुकसान होगा।
तकनीकी चुनौतियां
खरगे ने यह भी कहा कि तकनीकी बायोमेट्रिक और ऐप आधारित बाधाओं के जरिए मजदूरों को बाहर किया जाएगा। गांव की संपत्तियों की जगह ठेकेदार शैली की परियोजनाएं ले लेंगी। MGNREGA पर हमला करना करोड़ों श्रमिकों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। हम हर स्तर पर, पंचायत से लेकर संसद तक, शांतिपूर्ण और दृढ़ता से इसका विरोध करेंगे।
