कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर मोदी सरकार पर किया हमला
कांग्रेस का तीखा हमला
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी ने कहा कि भारत की कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने में सफलता नहीं मिली, जैसा कि 2008 के मुंबई हमले के बाद हुआ था। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से विशेष गर्मजोशी प्राप्त हुई।
जयराम रमेश का बयान
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को रोकने वाले युद्धविराम की पहली घोषणा 10 मई 2025 को शाम 5:37 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप के कारण संभव हुआ। रमेश ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने इस दावे को कई बार दोहराया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी इसका खंडन नहीं किया।
अनिल चौहान के बयानों का संदर्भ
अनिल चौहान के बयानों का दिया हवाला
कांग्रेस नेता ने कहा कि 30 मई 2025 को सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने स्वीकार किया था कि भारत को प्रारंभिक चरण में सामरिक गलतियों के कारण नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, बाद में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर सटीक हमले किए।
चीन के प्रति मोदी सरकार का रुख
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि 10 जून 2025 को जकार्ता में भारतीय दूतावास के रक्षा अताशे ने स्वीकार किया था कि 7 मई 2025 को राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण भारत को कुछ लड़ाकू विमान गंवाने पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि 4 जुलाई 2025 को उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने बयान दिया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन से गहरी मदद मिली। इसमें हथियारों और गोला-बारूद के अलावा सैटेलाइट इमेजरी और रियल-टाइम टारगेटिंग सपोर्ट भी शामिल था।
कांग्रेस की समीक्षा की मांग
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मोदी सरकार का चीन के प्रति नरम रुख जारी है। पार्टी ने लद्दाख में पारंपरिक गश्त अधिकारों के नुकसान, चीन से रिकॉर्ड आयात और एफडीआई नियमों में ढील जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया।
जयराम रमेश ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने के. सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में कारगिल समीक्षा समिति बनाई थी, जिसने घटनाक्रम की जांच कर भविष्य के लिए सुझाव दिए थे। कांग्रेस ने संकेत दिया कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी इसी तरह की समीक्षा की जरूरत है।
ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे, की मौत के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था, लेकिन 10 मई को सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी।
