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कांग्रेस ने मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण पर उठाए सवाल, मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस ने मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण को लेकर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने काशी की सांस्कृतिक धरोहर को नष्ट कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि घाट के नाम पर प्राचीन मंदिरों को तोड़ा गया है और इसकी महत्ता को कम किया गया है। जानें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में और क्या कहा गया।
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कांग्रेस ने मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण पर उठाए सवाल, मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस का आरोप: मोदी सरकार ने काशी की विरासत को किया नष्ट


नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय और पार्टी प्रवक्ता अभय दुबे ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि योगी-मोदी सरकार ने काशी की सांस्कृतिक धरोहर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बाबा विश्वनाथ के परिसर में एक मॉल का निर्माण किया है, जिसके लिए प्राचीन मंदिरों को ध्वस्त किया गया और अक्षय वट वृक्ष को भी काट दिया गया। इसके अलावा, मुक्तेश्वर महादेव का मंदिर और लक्ष्मीनारायण जी का मंदिर भी तोड़ दिए गए हैं, और उनकी मूर्तियाँ गायब हैं। इस सब के बावजूद, नरेंद्र मोदी दावा करते हैं कि उन्होंने काशी को बेहतर बना दिया है।


अजय राय ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2023 में मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण का शिलान्यास किया था, लेकिन इसके नाम पर घाट को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया। मणिकर्णिका घाट का विश्वभर में विशेष महत्व है, जहां हिंदू समाज के लोग अपनी अंतिम इच्छा के अनुसार अपने पार्थिव शरीर का दाह संस्कार कराना चाहते हैं। यह घाट लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा जीर्णोद्धार किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी मूर्तियों और महादेव के शिवलिंग को भी तोड़ दिया है।


उन्होंने कहा कि हर साल मणिकर्णिका घाट पर 'पंचकोशी यात्रा' होती है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं। घाट की आग कभी नहीं बुझती, और वहां दाह संस्कार की प्रक्रिया होती है। जो आत्माएँ वहां शांति पाती हैं, उन्हें 'तारक मंत्र' दिया जाता है, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि काशी को 'मोक्ष की नगरी' कहा जाता है।


अजय राय ने यह भी कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने कई मंदिरों को ध्वस्त किया था। उस समय VHP के अशोक सिंघल ने इसका विरोध किया था। मोदी ने कहा था कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है, लेकिन गंगा में चलाए जा रहे क्रूज का सारा मल-मूत्र गंगा में गिराया जा रहा है। जब इसका वीडियो वायरल हुआ, तो NGT ने 5,000 का जुर्माना लगाया। यह हैरानी की बात है कि उस क्रूज का नाम स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा विवेकानंद का भी अपमान कर रही है।


यूपी भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमारी मांग है कि मणिकर्णिका घाट पर चल रही कार्रवाई को तुरंत रोका जाए। काशी के धर्माचार्यों से बातचीत कर आगे का काम किया जाए। दालमंडी को बर्बाद करने का काम रोका जाए और उसके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। कांग्रेस पार्टी बनारस में गलत कामों को नहीं होने देगी। हम लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और इस सरकार का डटकर मुकाबला करेंगे। यह स्पष्ट है कि योगी और मोदी सरकार केवल हिंदुत्व का दिखावा कर रही है, जबकि असल में यह पूरी तरह से नास्तिक हैं।


कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि काशी वह अद्भुत भूमि है, जिसका निर्माण भगवान शंकर ने किया। लेकिन भाजपा सरकार ने इस पवित्र भूमि पर इतना बड़ा विध्वंस किया है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। भाजपा के लोग केवल पत्थरों की पूजा करते हैं, जबकि काशी भगवान शंकर की आराधना से बनी है। भाजपा सरकार ने मणिकर्णिका घाट पर विध्वंस कर भगवान शंकर और लोकमाता अहिल्या जी का अपमान किया है। यह एक गंभीर अपराध है और यह सब मोदी जी के इशारे पर हुआ है।