काकिनाडा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट: 18 लोगों की जान गई, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
काकिनाडा में भयानक हादसा
काकिनाडा : आंध्र प्रदेश के काकिनाडा जिले में शनिवार को एक पटाखा निर्माण इकाई में एक भयंकर विस्फोट हुआ, जिसमें 18 लोगों की जान चली गई। इस घटना में अधिकतर महिलाएं शामिल थीं। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शव फैक्ट्री के बाहर खेतों में गिर गए। इस दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
शनिवार का दिन मातम का
शनिवार का दिन काकिनाडा जिले के लिए एक दुखद दिन साबित हुआ। सूर्या श्री फायर वर्क्स नामक फैक्ट्री में अचानक एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जिससे पूरी फैक्ट्री आग की लपटों में घिर गई। घटना के समय फैक्ट्री में लगभग 20 श्रमिक काम कर रहे थे, जिनमें से अधिकांश महिलाएं थीं। विस्फोट इतना भयानक था कि श्रमिकों के शव आसपास के खेतों में जाकर गिरे। जिला कलेक्टर सगिलि शन मोहन ने इस भीषण घटना में 18 मौतों की पुष्टि की है और राहत कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री नायडू की प्रतिक्रिया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कर दुर्घटना के कारणों और राहत कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मंत्रियों को घटनास्थल पर जाकर पीड़ित परिवारों की सहायता करने का आदेश दिया है। सरकार अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि यह विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ।
गोवा नाइट क्लब में बड़ी कार्रवाई
उत्तर गोवा के अरपोरा में स्थित 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइट क्लब में पिछले साल लगी आग के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अंजुना पुलिस ने इस मामले में मापुसा अदालत के समक्ष 4,150 पृष्ठों का एक विस्तृत आरोपपत्र पेश किया है। इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में पुलिस ने नाइट क्लब के मालिकों समेत कुल 13 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है। यह हादसा 6 दिसंबर 2025 को हुआ था, जिसमें बड़ी लापरवाही के कारण 25 लोगों की जान गई थी।
मालिकों पर कार्रवाई
पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र में मेसर्स बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी के साझेदारों अजय गुप्ता, गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा को प्रमुख रूप से नामजद किया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने 305 गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं, जो आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करते हैं। अग्निकांड के समय क्लब में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप इन संचालकों पर लगे हैं। इस कानूनी कार्रवाई से पीड़ितों को अब न्याय की उम्मीद जगी है।
सुरक्षा पर सवाल
ये दोनों घटनाएं स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की अनदेखी कितनी जानलेवा हो सकती है। काकिनाडा की पटाखा यूनिट और गोवा का नाइट क्लब, दोनों ही मामलों में बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। जहां आंध्र प्रदेश सरकार अब बचाव कार्य और मुआवजे पर ध्यान केंद्रित कर रही है, वहीं गोवा पुलिस की कड़ी चार्जशीट यह संदेश देती है कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है।
