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कुरुक्षेत्र के किसानों को मिला मधु रत्न पुरस्कार, राज्य स्तर पर मिली पहचान

कुरुक्षेत्र जिले ने विश्व मधुमक्खी दिवस पर दो प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों को 'मधु रत्न पुरस्कार' से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रमेश कुमार और चरणजीत कौर को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य किसानों और विशेषकर महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने की प्रेरणा भी देगी। जानें इस सम्मान के पीछे की कहानी और इसके महत्व के बारे में।
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कुरुक्षेत्र के किसानों को मिला मधु रत्न पुरस्कार, राज्य स्तर पर मिली पहचान

कुरुक्षेत्र में मधुमक्खी पालन की नई उपलब्धि

कुरुक्षेत्र, 20 मई। कुरुक्षेत्र जिले ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पंचकूला में हरियाणा के उद्यान विभाग द्वारा आयोजित 'विश्व मधुमक्खी दिवस' के अवसर पर, जिले के दो मधुमक्खी पालकों को विशेष सम्मान से नवाजा गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन किसानों को मधुमक्खी पालन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 'मधु रत्न पुरस्कार' प्रदान किया। इस सम्मान ने कुरुक्षेत्र के कृषि समुदाय और प्रशासनिक क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ा दी है।


किसानों की पहचान: रमेश कुमार और चरणजीत कौर

इस प्रतियोगिता में कुरुक्षेत्र के दो किसानों ने सफलता प्राप्त की है, जिनमें एक पुरुष और एक महिला शामिल हैं। अजराना कलां के रमेश कुमार और पीपली माजरा की चरणजीत कौर को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने दोनों को 'मधु रत्न' उपाधि के साथ-साथ 11,000 रुपये की नकद राशि और प्रमाण पत्र भी दिए। महिला किसान की इस उपलब्धि से अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।


कुरुक्षेत्र के किसानों की तरक्की

कुरुक्षेत्र के जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शिवेंदु प्रताप सिंह सोलंकी ने बताया कि हरियाणा से केवल 11 सर्वश्रेष्ठ किसानों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया था, जिनमें से 2 कुरुक्षेत्र से हैं। यह जिले के लिए गर्व का क्षण है, जो दर्शाता है कि कुरुक्षेत्र के किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मधुमक्खी पालन जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर रहे हैं।


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