कुशीनगर में स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का मामला: 4.50 करोड़ की संदिग्ध खरीदारी
भ्रष्टाचार का नया मामला
कुशीनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक नई परत कुशीनगर में सामने आई है। जिले के सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुरेश पटारिया के कार्यकाल के अंतिम वर्ष में 4.50 करोड़ रुपये की संदिग्ध खरीदारी अब शासन और प्रशासन की जांच के दायरे में आ गई है। आरोप है कि यह खरीदारी केवल कागजों पर की गई थी, जिसका उद्देश्य भारी बजट का दुरुपयोग करना था।
राजनीतिक संबंधों का मामला
पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्वत के भाई की फर्म से हुई डील
मामला और भी गंभीर हो जाता है जब इसमें राजनीतिक प्रभाव का जिक्र आता है। सूत्रों के अनुसार, डॉ. पटारिया ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में सीएचसी और पीएचसी के लिए उपकरणों और दवाओं की खरीदारी बहराइच के पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के भाई की फर्म से की थी। सेवानिवृत्ति के बाद भी डॉ. पटारिया इस भुगतान को कराने के लिए विभागीय प्रक्रियाओं का पालन करते रहे, लेकिन जब यह मामला उजागर हुआ, तो भुगतान रोक दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग में मुकेश श्रीवास्वत का प्रभाव
मुकेश श्रीवास्वत कर रहा दर्जनों जिलों में काम
प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में मुकेश श्रीवास्तव का प्रभाव आज भी बना हुआ है। एनआरएचम के आरोपों के बावजूद, वह प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव उसके खिलाफ कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
फर्जी नियुक्तियां: डॉ. पटारिया पर आरोप है कि उन्होंने रिटायरमेंट के दिन आउटसोर्सिंग के माध्यम से 10 चहेतों को नौकरी पर रखा। वर्तमान डीएम महेंद्र सिंह तंवर के संज्ञान में आने के बाद इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया है।
कागजी खरीदारी: वर्तमान सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश के अनुसार, सामान की वास्तविकता और बिलों का मिलान किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी भुगतान पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है।
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला: ठेकेदार ने भुगतान के लिए हाईकोर्ट से आदेश प्राप्त किया था, लेकिन डीएम महेंद्र सिंह तंवर की सख्ती और एसडीएम मोहम्मद जफर के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने फिलहाल इस मामले पर रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य विभाग में दवा माफियाओं का सिंडिकेट: पिछले दो दशकों से दवा माफियाओं का रैकेट सक्रिय है। पर्दाफाश की टीम दवा माफियाओं की सीएमओ/सीएमएस की पोस्टिंग से लेकर बजट के दुरुपयोग का खुलासा जिलेवार करेगी।
