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केंद्र सरकार का सोने के आयात पर नया नियम: एक लाइसेंस पर केवल 100 किलोग्राम

केंद्र सरकार ने सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब, एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही शुल्क मुक्त आयात किया जा सकेगा। यह निर्णय सोने पर बढ़ते आयात शुल्क के बाद आया है, जिससे ज्वेलरी उद्योग की लागत में वृद्धि हो सकती है। नए नियमों के तहत निर्यातकों को लाइसेंस के लिए आवेदन करने से पहले कई शर्तें पूरी करनी होंगी। जानें इस नए नियम के सभी पहलुओं के बारे में।
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केंद्र सरकार का सोने के आयात पर नया नियम: एक लाइसेंस पर केवल 100 किलोग्राम

सोने के आयात पर नए नियम

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोने के आयात बिल को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने जेम्स और ज्वेलरी निर्यातकों के लिए शुल्क मुक्त सोने के आयात के नियमों को तुरंत प्रभाव से सख्त कर दिया है। अब, एडवांस ऑथराइजेशन (AA) के तहत, कोई भी निर्यातक एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही शुल्क मुक्त आयात कर सकेगा। इससे ज्वेलरी उद्योग की लागत में वृद्धि होने की संभावना है, जिसका प्रभाव भविष्य में सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।


यह निर्णय सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) को 6% से बढ़ाकर 15% करने के बाद लिया गया है। नए नियमों के अनुसार, जो निर्यातक पहली बार लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे, उनके मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी। यह जांच यूनिट की क्षमता और संचालन स्थिति की पुष्टि के लिए की जाएगी। वहीं, दोबारा लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले निर्यातकों को पिछले आयात के कम से कम 50% निर्यात दायित्व को पूरा करना होगा। ऐसा न होने पर नया आयात लाइसेंस नहीं मिलेगा।


लाइसेंस धारकों को हर 15 दिन में एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा प्रमाणित रिपोर्ट क्षेत्रीय प्राधिकरण को प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट में सोने के आयात और निर्यात का पूरा विवरण शामिल होगा। क्षेत्रीय अधिकारियों को हर महीने DGFT मुख्यालय को समेकित रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि केंद्र सरकार देशभर में सोने के लेन-देन पर नजर रख सके।