केंद्र सरकार की वित्तीय नीति में सुधार: फरवरी 2026 की रिपोर्ट
वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक समीक्षा
वित्त मंत्रालय की फरवरी 2026 की मासिक आर्थिक समीक्षा में हुआ खुलासा
वित्त मंत्रालय ने फरवरी 2026 के लिए अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की हैं। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने खर्च और घाटे को नियंत्रित करते हुए बुनियादी ढांचे पर अधिक निवेश किया है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार की वित्तीय नीति इस प्रकार से तैयार की जा रही है कि आर्थिक स्थिरता बनी रहे और सड़कों, रेल, ऊर्जा जैसे बुनियादी ढांचे में निवेश जारी रहे। समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जनवरी के बीच बेहतर राजस्व संग्रह और खर्च प्रबंधन के कारण राजकोषीय संकेतकों में सुधार देखा गया है। जनवरी तक राजकोषीय घाटा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कम रहा।
बुनियादी ढांचे पर सरकार का ध्यान
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने खर्च और घाटे को नियंत्रित करते हुए बुनियादी ढांचे पर अधिक धनराशि खर्च की है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरकार की वित्तीय नीति इस तरह से बनाई जा रही है कि आर्थिक स्थिरता बनी रहे और बुनियादी ढांचे में निवेश जारी रहे।
पूंजीगत व्यय में वृद्धि
समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जनवरी के बीच पूंजीगत व्यय में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, राजस्व व्यय में केवल 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो दर्शाता है कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दे रही है।
राजकोषीय घाटे का लक्ष्य
समीक्षा में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय बजट 2026-27 में भी यही रणनीति जारी रहेगी। सरकार आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए पूंजीगत व्यय को जारी रखते हुए वित्तीय अनुशासन पर ध्यान दे रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर रखा गया है, जिसका अर्थ है कि सरकार धीरे-धीरे घाटा कम करने के साथ-साथ विकास के लिए निवेश भी जारी रखेगी।
अधिक जानकारी
ये भी पढ़ें : Business News Hindi : देश में यूरिया व अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता
