केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग कानून के तहत 242 जुए की वेबसाइट्स को किया ब्लॉक
केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नए ऑनलाइन गेमिंग कानून के तहत 242 वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है, जो अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए का संचालन कर रही थीं। यह कदम पिछले वर्ष लागू किए गए ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत उठाया गया है। अब तक कुल 7800 से अधिक अवैध बेटिंग और जुए से संबंधित वेबसाइट्स को बंद किया जा चुका है।
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट का उद्देश्य
सरकार ने पिछले साल ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को पारित किया था, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध सट्टेबाजी और जुए पर प्रभावी रोक लगाना है। इस कानून के लागू होते ही कई प्रमुख गेमिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे Dream 11, My 11 Circle और MPL ने अपने रियल मनी प्रेडिक्शन गेम्स को बंद करने का निर्णय लिया। यह सरकार की एक और सख्त कार्रवाई है।
युवाओं में जुए की लत पर नियंत्रण
युवाओं और आम लोगों में ऑनलाइन जुए की बढ़ती लत को देखते हुए, सरकार ने यह विधेयक पेश किया था, जो अब कानून बन चुका है। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने से पहले भी सरकार ने वर्ष 2022 में लगभग 1400 अवैध वेबसाइट्स पर कार्रवाई की थी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ऐसे ऐप्स और वेबसाइट्स पर निगरानी रख रहा है, जो गैरकानूनी तरीके से जुए को बढ़ावा देते हैं।
कानून का नाम और उद्देश्य
इस कानून को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन अधिनियम 2025 के नाम से भी जाना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और बच्चों में जुए की लत पर नियंत्रण पाना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कई रियल मनी गेम्स सट्टेबाजी को बढ़ावा देते हैं, जिन्हें नियंत्रित करना आवश्यक है।
ई-गेमिंग को सुरक्षित बनाना
इस अधिनियम के तहत अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े गेमिंग ऐप्स और वेबसाइट्स पर रोक लगाई जाती है, ताकि देश में सुरक्षित और जिम्मेदार ई-गेमिंग को प्रोत्साहित किया जा सके। ई-गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स में वास्तविक धन का लेन-देन नहीं होता और यह खिलाड़ियों की कौशल क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित होते हैं।
सख्त कार्रवाई की आवश्यकता
हालांकि, कुछ वेबसाइट्स और ऐप्स ई-गेमिंग या ई-स्पोर्ट्स की आड़ में अवैध जुए को बढ़ावा देती हैं। नए ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के जरिए ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, ताकि डिजिटल गेमिंग इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाया जा सके।
