केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की कटौती
पेट्रोल और डीजल पर नई एक्साइज ड्यूटी
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी का ऐलान किया है। इस निर्णय के बाद, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका और इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई वृद्धि के प्रभाव को कम करना है।
निर्यात पर टैक्स और एटीएफ में राहत
सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का टैक्स भी लगाया है। इसके साथ ही, केंद्र ने 2022 की एक पूर्व अधिसूचना को रद्द करते हुए आयातित विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर एक्साइज ड्यूटी में राहत दी है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर प्रभाव
यह उम्मीद की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) इस कटौती को अपने नुकसान की भरपाई के लिए समायोजित करेंगी। वर्तमान में, ओएमसी को ईंधन की बिक्री पर लगभग 48.8 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, जो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
मध्य पूर्व में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। पिछले एक महीने में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम लगभग 40 प्रतिशत बढ़ चुका है, और वर्तमान में यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर है।
सरकार की स्थिति
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जानबूझकर चलाए जा रहे दुष्प्रचार से प्रभावित न हों, जिसका उद्देश्य अनावश्यक भय फैलाना है।
भंडार की स्थिति
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि भारत के पास कुल 74 दिनों का भंडार है, जिसमें लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक शामिल है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
