केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार की योजना की घोषणा की
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार का ऐलान
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में महत्वपूर्ण सुधारों की योजना का ऐलान किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने इस प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए सार्थक पीडीएस योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और यह मार्च 2031 तक लागू रहेगी। इसका लाभ सीधे उन 80 करोड़ भारतीयों को मिलेगा, जो इस प्रणाली से लाभान्वित होते हैं और जिनकी बुनियादी आवश्यकताएं पूरी की जाती हैं। भारत में खाद्य सुरक्षा का यह कार्यक्रम विश्व में सबसे बड़ा है।
80 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को बताया कि खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत हर महीने 80 करोड़ नागरिकों को राशन उपलब्ध कराया जाता है। सार्थक पीडीएस योजना इन लोगों के लिए एक वरदान साबित होगी। इस योजना के अंतर्गत खाद्यान्न के परिवहन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता प्रदान की जाएगी। दूसरे चरण में, पीडीएस प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा ताकि यह पूरी तरह से पारदर्शी और जवाबदेह हो सके।
सार्थक पीडीएस योजना की जानकारी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीडीएस प्रणाली को स्मार्ट बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिससे रीयल टाइम मॉनिटरिंग में आसानी होगी। पहले मॉड्यूल का नाम 'निर्मल' रखा गया है। दूसरे AI मॉड्यूल का नाम 'आशा' है, जिसके तहत कॉल, व्हाट्सएप, IVRS और चैटबॉट के माध्यम से शिकायत निवारण मंच स्थापित किया जाएगा।
आशा मॉड्यूल भारत की विभिन्न भाषाओं में कार्य करेगा और प्रतिदिन तीन लाख शिकायतों का समाधान कर सकेगा। योजना का तीसरा AI मॉड्यूल 'सक्षम' होगा, जो सप्लाई चेन और वाहन ट्रैकिंग के साथ-साथ मांग का सही आकलन करने में मदद करेगा।
